Bihar News: बिहार में शिक्षक बहाली के चौथे चरण के विज्ञापन को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा बुधवार को पूरी तरह फूट पड़ा। पटना में बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे। हालांकि प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कई प्रमुख छात्र नेताओं को अचानक हिरासत में ले लिया।
बुधवार 20 मई 2026 को पटना कॉलेज और उसके आसपास के पूरे इलाके में सुबह से ही भारी तनाव देखा गया। शिक्षक भर्ती परीक्षा का स्पष्ट शेड्यूल जारी करने की मांग को लेकर छात्र लगातार नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान सुरक्षा बलों और आक्रोशित छात्रों के बीच कई जगहों पर तीखी झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई।
सड़क पर घसीटते हुए छात्र नेताओं को थाने ले गई पुलिस
पुलिस ने मार्च शुरू होने से ठीक पहले प्रमुख छात्र नेता रिंकल यादव को जबरन हिरासत में ले लिया। रिंकल यादव को सड़क पर घसीटते हुए पुलिस वैन तक ले जाने का वीडियो भी सामने आया है। रिंकल यादव पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रह चुके हैं और उन्हें राजनीतिक समर्थन भी हासिल है।
इसके अलावा एक अन्य चर्चित छात्र नेता खुशबू पाठक को भी पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने से पहले ही रोक लिया। वे आरा से पटना आ रही थीं, तभी बिहटा के पास पुलिस उन्हें गाड़ी से उतारकर सीधे थाने ले गई। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची कई महिला अभ्यर्थियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
गले में जंजीरें पहनकर युवाओं ने जताया अनोखा विरोध
भर्ती विज्ञापन में हो रही लगातार देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने इस बार विरोध का बेहद अनोखा और हैरान करने वाला तरीका अपनाया। बड़ी संख्या में छात्र अपने शरीर और हाथों में लोहे की जंजीरें पहनकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे इंतजार और मानसिक दबाव ने उनका भविष्य पूरी तरह अंधकार में धकेल दिया है।
गुस्साए अभ्यर्थी अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए बीपीएससी कार्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालना चाहते थे। हालांकि मुस्तैद सुरक्षा बलों ने उन्हें रास्ते में ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पटना के संवेदनशील चौराहों पर वाटर कैनन की गाड़ियां और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने की शांत रहने की अपील, बाहरी लोगों पर साधा निशाना
इस बड़े हंगामे के बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का आधिकारिक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस शिक्षक भर्ती को लेकर बेहद गंभीर है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश के बाद शिक्षा विभाग और बीपीएससी के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विज्ञापन प्रारूप को लेकर लगातार बातचीत का दौर जारी है।
शिक्षा मंत्री ने सभी युवाओं से आंदोलन का रास्ता छोड़कर पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा की तैयारी में जुटने की अपील की है। उन्होंने विपक्ष और कुछ बाहरी तत्वों पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए मासूम छात्रों को भड़काने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
शिक्षक बहाली में हो रहे अप्रत्याशित विलंब के कारण बिहार के लाखों बेरोजगार युवाओं में बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। अभ्यर्थियों का स्पष्ट आरोप है कि प्रशासन केवल खोखले आश्वासन दे रहा है। विज्ञापन जारी न होने से उनकी सालों की मेहनत और उम्र दोनों बर्बाद हो रही है, जिससे वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
Author: Rashmi Sharma

