Uttar Pradesh News: पेट्रोलियम पदार्थों की आसमान छूती कीमतों ने देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर की कमर तोड़ दी है। लगातार बढ़ते खर्चों से परेशान मेरठ के प्रमुख ट्रांसपोर्ट संगठनों ने एक आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाई। इस बैठक में डीजल और अन्य जरूरी सामानों के लगातार बढ़ते दामों पर गहरी चिंता जताई गई।
यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ जोन, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन और मेरठ गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। ट्रक मालिकों ने कहा कि डीजल, यूरिया, टायर और स्पेयर पार्ट्स की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इंजन ऑयल और ग्रीस के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।
इसके साथ ही यूरो-६ टेक्नोलॉजी के महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और एडब्ल्यू सेंसर की लागत ने संकट बढ़ा दिया है। टोल टैक्स की दरों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हर महीने परिचालन लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन माल भाड़े में कोई इजाफा नहीं हो रहा है।
माल भाड़ा न बढ़ने से छोटे और मझोले ट्रक ऑपरेटर्स गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। बैठक में नेशनल परमिट यानी एनपी वाली गाड़ियों को समय पर परमिट न मिलने का मुद्दा भी गूंजा। अंतरराज्यीय आवागमन में आ रही दिक्कतों से ट्रांसपोर्टर्स का व्यापार पूरी तरह चौपट हो रहा है।
लागत में भारी बढ़ोतरी के बाद टोल टैक्स में छूट की मांग
ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स ने कहा कि सरकार एक तरफ डीजल के दाम लगातार बढ़ा रही है। इससे गाड़ियों को चलाने की कुल लागत में ३० से ४० प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। इस मुश्किल घड़ी में सरकार को टोल टैक्स में राहत देकर तुरंत मदद करनी चाहिए।
ऑपरेटर्स ने याद दिलाया कि कोरोना काल में सरकार ने टोल पर विशेष छूट दी थी। उसी राहत के कारण देश में जरूरी सामानों की आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित हो सकी थी। ट्रांसपोर्ट उद्योग को मंदी से बचाने के लिए आज भी वैसी ही सरकारी राहत की सख्त जरूरत है।
एसोसिएशन ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें भी रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि डीजल पर लगने वाले वैट को तुरंत कम किया जाए। इसके साथ ही यूरो-६ वाहनों के महंगे मेंटेनेंस और सेंसर पर ऑपरेटरों को विशेष सरकारी सब्सिडी दी जानी चाहिए।
ट्रांसपोर्टर्स ने टोल टैक्स में युक्तिसंगत बदलाव करने और ऑपरेटर्स को अस्थायी राहत देने की वकालत की है। उन्होंने नेशनल परमिट जारी करने की पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की। इससे अंतरराज्यीय व्यापार में आ रही बाधाएं तुरंत दूर हो सकेंगी।
बैठक में अमरजीत पिंकी चिन्योटी, पंकज अनेजा, सरदार जसविंदर सिंह और राजन गुप्ता मौजूद रहे। इसके अलावा राकेश विज, समीर कोहली, डिपिन सूरी, सरदार नरेंद्र सिंह, संजीव गांधी, दीपक रहलन, ओपी जिंदल, शंभू बंसल, सुरेंद्र शर्मा और अमित सूरी ने भी हिस्सा लिया।
Author: Ajay Mishra

