Punjab News: पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर मंथन तेज हो गया है। शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस नेताओं की करीब साढ़े तीन घंटे लंबी बैठक हुई। बैठक के दौरान चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने चुनाव परिणामों को लेकर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि निकाय चुनाव के नतीजे पार्टी की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहे। उन्होंने संगठन में फैसलों में देरी पर भी सवाल उठाए। सूत्रों के अनुसार बाजवा बैठक पूरी होने से पहले ही वहां से रवाना हो गए।
चुनावी प्रदर्शन पर नेताओं ने रखी राय
बैठक के दौरान कई नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की। कुछ नेताओं ने कहा कि जो नेता अपने क्षेत्र में पार्टी को मजबूत नहीं कर पाए, उनके नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। इसी संदर्भ में संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई।
राजा वड़िंग के क्षेत्र में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। संगठन में संभावित बदलाव को लेकर कई नामों की चर्चा भी सामने आई है।
नए अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान जल्द संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा कर सकता है। संभावित नामों में चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस प्रभारी और महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी ने आगामी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता मिलकर आगे की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
नेतृत्व परिवर्तन पर बघेल का जवाब
भूपेश बघेल ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस विषय पर पहले ही स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। उनके अनुसार फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव में कांग्रेस ने कई क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया है।
बघेल ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ दल ने सरकारी तंत्र का उपयोग किया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों ने मजबूती से चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण की वजह से कई स्थानों पर कांग्रेस ने प्रभावशाली मुकाबला पेश किया।
आम आदमी पार्टी पर कांग्रेस का हमला
निकाय चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक दबाव और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस का कहना है कि इन परिस्थितियों के बावजूद कार्यकर्ताओं ने मैदान नहीं छोड़ा।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कई क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवारों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा, फिर भी जनता ने कांग्रेस पर भरोसा दिखाया। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में भी चुनाव लड़ा और भविष्य में संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
Author: Harikarishan Sharma

