Punjab News: धार्मिक संस्था गुरु नानक सेवक जत्था द्वारा रविवार को भव्य गुरबाणी प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम स्थानीय गुरुनानक भवन में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक पूरी श्रद्धा के साथ चला। इस ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता को आयु के आधार पर चार मुख्य वर्गों में विभाजित किया गया था।
इस प्रतियोगिता के ग्रुप ए में 3 से 5 वर्ष के नन्हे बच्चों को शामिल किया गया था। वहीं ग्रुप बी में 6 से 8 वर्ष और ग्रुप सी में 9 से 12 वर्ष के प्रतिभागी शामिल हुए। इसके अलावा सबसे बड़े ग्रुप डी में 13 से 15 वर्ष तक के होनहार बच्चों ने हिस्सा लिया।
ज्ञानी जिवेन्द्र सिंह ने अरदास कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
स्थानीय गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेन्द्र सिंह ने पवित्र अरदास कर इस सुंदर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वाहेगुरु से सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद बच्चों ने सिख गुरु इतिहास से जुड़े कठिन प्रश्नों के बहुत सटीक उत्तर दिए।
सभी आयु वर्ग के बच्चों ने मधुर सुरों में गुरबाणी का सुंदर पाठ प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी असाधारण धार्मिक प्रतिभा का प्रदर्शन कर वहां मौजूद संगत को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नन्हे प्रतिभागियों को मंच पर पुरस्कृत किया गया।
विजेता प्रतिभावान बच्चों को जत्था ने किया विशेष सम्मानित
विजेताओं की सूची में ग्रुप ए से वंश राज सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि साची सहज ने द्वितीय और लवप्रीत सिंह ने तृतीय पुरस्कार जीता। इसके बाद ग्रुप बी में शनाया अरोड़ा पहले स्थान पर रहीं। मानवी गाबा को दूसरा और बेअंत मिड्ढा को तीसरा स्थान मिला।
इसी तरह ग्रुप सी में सोहम सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया। जन्नत वाधवा को द्वितीय और इनाया अरोड़ा को तृतीय पुरस्कार के लिए चुना गया। सबसे बड़े ग्रुप डी में नमनदीप कौर ने पहला स्थान झटका। जीविका मिड्ढा दूसरे और जागृत मुंजाल तीसरे स्थान पर रहे।
अनेक गणमान्य लोगों और स्वयंसेवकों की रही सराहनीय भूमिका
इस सफल धार्मिक कार्यक्रम में अर्जुन देव मिड्ढा, सुरेश मिड्ढा और एन.डी. अरोड़ा उपस्थित रहे। उनके साथ ही हरविंदर सिंह बेदी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। गुरु नानक सेवक जत्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सभी विजेता बच्चों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में करण अरोड़ा और पीयूष मिड्ढा ने मेहनत की। उनके साथ सूरज झंडई, रुद्र गिरधर और आयुष गांधी जैसे स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान प्रिया घई ने काउंटर पर पंजीकरण व्यवस्था का कुशल संचालन किया।
Author: Pandit Balkrishan Sharma


