Delhi News: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव का सीधा और बड़ा असर अब भारत के कमोडिटी बाजारों पर देखने को मिल रहा है। गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल मचने से निवेशकों का रुख बेहद सतर्क नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद हालात नाजुक बने हुए हैं। इस वजह से घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव साफ देखने को मिल रहा है।
सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट
एमसीएक्स पर जुलाई डिलीवरी वाला सोना शुरुआती सत्र में करीब ₹1,500 की भारी गिरावट के साथ ₹1,46,518 प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि, बाद में मामूली रिकवरी के साथ यह लगभग 0.13 फीसदी की कमजोरी लेकर ₹1,47,828 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
चांदी की चमक भी इस तनाव के बीच काफी फीकी पड़ती दिखाई दे रही है। जुलाई वायदा चांदी बाजार खुलते ही अपने पिछले बंद भाव से ₹3,834 टूटकर ₹2,31,671 प्रति किलोग्राम पर आ गई। दोपहर तक यह ₹2,34,400 प्रति किलो के स्तर पर संघर्ष करती नजर आई।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, कच्चे तेल में भारी उछाल
बाजार में मची इस खलबली की असल वजह ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का बड़ा ऐलान है। यह समुद्री मार्ग पूरी दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है। इसके बंद होने से कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
इस फैसले के बाद एमसीएक्स पर कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त मजबूती देखी जा रही है। क्रूड ऑयल ने बाजार में गैप-अप ओपनिंग की और ₹8,750 से ₹8,800 के दायरे में पहुंच गया। तेल के महंगे होने से दुनिया भर में एक बार फिर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
क्या कहते हैं कमोडिटी बाजार के बड़े एक्सपर्ट्स?
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, सोना फिलहाल ₹1.50 लाख के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल चुका है। अगर आने वाले दिनों में कीमतें ₹1.46 लाख से नीचे जाती हैं, तो यह ₹1.43 लाख तक आ सकती हैं। रिकवरी के लिए इसका ₹1.50 लाख के ऊपर टिकना जरूरी है।
वहीं चांदी के लिए ₹2.30 लाख का स्तर एक मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो चांदी ₹2.25 लाख तक गिर सकती है। दूसरी तरफ, कच्चे तेल के लिए तत्काल रेजिस्टेंस ₹8,925 पर है। इसे पार करते ही क्रूड ऑयल सीधे ₹9,050 के स्तर को छू सकता है।
Author: Rajesh Kumar


