Chandigarh News: अक्सर लोग होटल और रेस्टोरेंट के बिल में जुड़े कुछ अतिरिक्त शुल्कों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन चंडीगढ़ के एक जागरूक ग्राहक ने 35 रुपये 75 पैसे के लिए आवाज उठाई और आखिरकार न्याय भी मिला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक अहम फैसले में ट्विस्टिंग स्कूप प्राइवेट लिमिटेड को न सिर्फ वसूला गया सर्विस चार्ज लौटाने, बल्कि ग्राहक को पांच हजार रुपये का हर्जाना देने के आदेश दिए हैं।
चंडीगढ़ सेक्टर-15सी में रहने वाले सतिंदर पाल सिंह का केस लड़ने वाले एडवोकेट रवि इंदर सिंह ने आयोग को दी शिकायत में बताया कि फरवरी 2025 में सतिंदर पाल सिंह जालंधर स्थित हवेली रेस्टोरेंट में बने आइसक्रीम आउटलेट पर गए थे। आइसक्रीम खाने के बाद उन्होंने 393 रुपये का बिल चुकाया। जब उन्होंने बिल को चेक किया तो पाया कि बिल में 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज के रूप में 35.75 रुपये अतिरिक्त जोड़े गए हैं।
उन्हें यह बात खटकी और उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट प्रबंधन से आपत्ति जताते हुए राशि वापस करने की मांग की। हालांकि, उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें पूरा बिल चुकाने के लिए कहा गया। सतिंदर पाल सिंह ने इसे केवल 35 रुपये का मामला नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों का मुद्दा मानते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया।
बिना सहमति सर्विस चार्ज वसूलना गैरकानूनी
उनके अधिवक्ता रवि इंदर सिंह ने आयोग के समक्ष दलील दी कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से कहते हैं कि होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते। यह पूरी तरह स्वैच्छिक है और ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करता है।
सुनवाई के दौरान आयोग ने बिल और उपलब्ध दस्तावेजों देखा और पाया कि ग्राहक की सहमति के बिना सर्विस चार्ज जोड़ना सीसीपीए के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना। उल्लेखनीय है कि कंपनी की ओर से समय पर जवाब भी दाखिल नहीं किया गया।
45 दिन के भीतर करना होगा भुगतान
आयोग ने कंपनी को 35.75 रुपये की राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने, मानसिक उत्पीड़न और केस खर्च के लिए 5000 रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया। आइसक्रीम कंपनी को हर्जाना की राशि का भुगतान 45 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।
Author: Adv Anuradha Rajput


