Health News: विश्व फैटी लिवर दिवस के मौके पर पंजाब सरकार ने राज्य में तेजी से पैर पसार रही फैटी लिवर की बीमारी को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस बीमारी को एक “साइलेंट महामारी” बताया है, क्योंकि इसके शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखते।
डॉ. बलबीर सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि सही समय पर इस बीमारी की जांच और इलाज न कराया जाए, तो यह बेहद घातक रूप ले सकती है। फैटी लिवर के कारण आगे चलकर लिवर में गंभीर सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और अंत में लिवर पूरी तरह फेल होने जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिलेगा 10 लाख का कैशलेस इलाज
स्वास्थ्य मंत्री ने राहत देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (MMSY) के जरिए मरीजों को भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिल रही है। इस जनकल्याणकारी योजना के तहत प्रभावित परिवारों को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक के मुफ्त और कैशलेस इलाज की गारंटी दी जा रही है।
इस योजना के दायरे में करीब 2300 से अधिक विभिन्न गंभीर उपचार प्रक्रियाओं और चिकित्सा पैकेजों को शामिल किया गया है। इसके चलते राज्य के सभी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को बिना किसी आर्थिक बोझ के उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं।
पिछले पांच महीनों में लिवर के 302 मरीजों का सफल उपचार
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच महीनों के भीतर ही मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लिवर से संबंधित 302 गंभीर मामलों का सफल इलाज किया जा चुका है। इसमें मुख्य रूप से तीव्र वायरल हेपेटाइटिस, क्रॉनिक हेपेटाइटिस और लिवर एब्सेस जैसी खतरनाक बीमारियां शामिल थीं।
पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (PILBS) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि अब फैटी लिवर की समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। यह जानलेवा समस्या अब स्कूल जाने वाले बच्चों और देश के युवा वर्ग में भी बहुत तेजी से बढ़ रही है।
खराब खानपान और शराब का सेवन है मुख्य वजह
डॉ. वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, युवाओं में इस बीमारी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण खराब जीवनशैली, जंक फूड का अत्यधिक सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा, मधुमेह (Diabetes) और शराब का अनियंत्रित सेवन है। समय रहते सजग होकर और आदतों में सुधार कर इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
उन्होंने सलाह दी है कि जिन लोगों के परिवार में पहले से लिवर की बीमारी का इतिहास रहा है, उन्हें नियमित रूप से लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), पेट का अल्ट्रासाउंड और फाइब्रोस्कैन जरूर करवाना चाहिए। इसके अलावा संतुलित आहार, रोजाना कसरत और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर ही इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
Author: Asha Thakur


