Delhi News: दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग की एक नई डिजिटल क्रांति शुरू हो चुकी है। इस पूरी व्यवस्था को चलाने के लिए डेटा सेंटर्स की भूमिका सबसे अहम हो गई है। भारत में भी डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
बाजार के दिग्गज मानते हैं कि सीधे डेटा सेंटर कंपनियों पर दांव लगाने के बजाय उन कंपनियों में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है जो इन्हें जरूरी उपकरण और सेवाएं देती हैं। इसे प्रॉक्सी इन्वेस्टिंग कहते हैं। आइए जानते हैं इस रेस में आगे चल रही कुछ बड़ी कंपनियों के बारे में।
साइबर सिक्योरिटी और कूलिंग सेक्टर के दिग्गज
इस लिस्ट में पहला नाम वैलिएंट कम्युनिकेशंस (Valiant Communications) का आता है। यह कंपनी डेटा सेंटर्स के लिए बेहद जरूरी कम्युनिकेशन, नेटवर्किंग और एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। डेटा ट्रैफिक बढ़ने से इसके राउटर्स और सिक्योर नेटवर्किंग उपकरणों की मांग में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
दूसरा बड़ा खिलाड़ी केआरएन हीट एक्सचेंजर (KRN Heat Exchanger) है। एआई आधारित हाई-परफॉर्मेंस सर्वर बहुत ज्यादा गर्मी पैदा करते हैं, जिससे निपटने के लिए एडवांस्ड कूलिंग सिस्टम की जरूरत होती है। डेटा सेंटर के कुल बिजली खर्च का एक बड़ा हिस्सा कूलिंग पर ही जाता है, जिससे इस कंपनी को सीधा फायदा होगा।
बिजली और केबल सेक्टर की मजबूत कंपनियां
डेटा सेंटर के सुचारू संचालन के लिए बिना रुके बिजली मिलना सबसे जरूरी शर्त है। इस क्षेत्र में वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स (Voltamp Transformers) एक प्रमुख नाम बनकर उभरा है। कंपनी डेटा सेंटर्स की भारी बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमता में लगातार विस्तार कर रही है।
इसके साथ ही हर डेटा सेंटर के निर्माण में हजारों किलोमीटर की वायरिंग और केबलिंग की जरूरत पड़ती है। इस सेक्टर की दिग्गज कंपनी पॉलीकैब इंडिया (Polycab India) को इस बूम का सबसे बड़ा फायदा मिल सकता है। इनके अलावा आरआर केबल और केईआई इंडस्ट्रीज भी दौड़ में शामिल हैं।
पावर बैकअप की जरूरत और जरूरी सलाह
डेटा सेंटर इंडस्ट्री में एक सेकंड के लिए भी सिस्टम का बंद होना बर्दाश्त नहीं किया जाता है। ऐसे में मजबूत बैकअप पावर के लिए किर्लोस्कर ऑयल इंजनों (Kirloskar Oil Engines) के हैवी-ड्यूटी जनरेटर सेट्स की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यह कंपनी पावर बैकअप सिस्टम में देश भर में अपनी मजबूत पैठ रखती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सपोर्टिंग कंपनियों में निवेश लंबी अवधि में ज्यादा स्थिर रिटर्न दे सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी तरह का निवेश करने से पहले सभी बारीकियों को खुद समझना बेहद जरूरी है। अपनी मेहनत की कमाई लगाने से पहले हमेशा सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से जांच जरूर कराएं।
Author: Rajesh Kumar


