अहमदाबाद विमान हादसा: 260 मौतें, एक साल बाद भी हवा में क्यों झूल रहे हैं मौत के राज?

Ahmedabad News: अहमदाबाद में एअर इंडिया के बोइंग 787 विमान हादसे को एक साल पूरा होने वाला है। इस दर्दनाक हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी। इतने भारी नुकसान के बावजूद, दुर्घटना के मुख्य कारणों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। जांच एजेंसियां तय समय-सीमा में अपनी रिपोर्ट सौंपने में विफल रही हैं।

भारत का विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अपनी जांच पूरी नहीं कर सका है। विमान के इंजनों की विस्तृत तकनीकी जांच अभी अमेरिका में चल रही है। विशेष उपकरणों की जरूरत के कारण इंजन के पुर्जों का वहीं मूल्यांकन हो रहा है। इसलिए अंतिम रिपोर्ट आने में अभी कम से कम तीन महीने का समय और लग सकता है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से जांच

अंतिम रिपोर्ट में हो रही देरी को देखते हुए AAIB इस सप्ताह एक स्टेटस रिपोर्ट जारी करेगा। इसमें जांच की प्रगति और देरी के कारणों का पूरा विवरण दिया जाएगा। इस जटिल जांच में अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, बोइंग और जीई एअरोस्पेस जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रही हैं।

कॉकपिट में फ्यूल स्विच का रहस्य

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरते ही विमान के दोनों इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच अचानक बंद हो गए थे। कॉकपिट की बातचीत से पता चलता है कि दोनों पायलट इस बदलाव से काफी हैरान थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह तकनीकी खराबी थी या फिर पायलटों की कोई बड़ी चूक थी।

बिजली गुल होने पर काम करने वाले रैम एअर टर्बाइन के खुलने का समय भी बहुत अहम है। विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या हादसे के पीछे कोई इलेक्ट्रिकल फेलियर मुख्य वजह थी। इसके अलावा, विमान का इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर दुर्घटना के तुरंत बाद सक्रिय क्यों नहीं हुआ, यह भी एक बड़ा सवाल है।

क्षतिग्रस्त रिकॉर्डर ने बढ़ाई चुनौती

जांच के दौरान पिछला फ्लाइट रिकॉर्डर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त मिला है। इससे डेटा निकालना बहुत मुश्किल साबित हो रहा है। इसके साथ ही, उड़ान से पहले विमान के नेटवर्क सिस्टम में आई खराबी की भी गहराई से समीक्षा हो रही है। आगे वाले रिकॉर्डर का डेटा सुरक्षित मिल गया है, जिससे कुछ मदद जरूर मिली है।

पिछले साल 12 जून को लंदन जाने वाली यह उड़ान अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ी थी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से जा टकराया था। इस भयानक हादसे ने देश को झकझोर कर रख दिया था। विमान में सवार 241 लोगों सहित जमीन पर मौजूद 19 लोग भी मारे गए थे।

यह दुर्घटना हाल के सालों की सबसे भयंकर विमान त्रासदियों में से एक बन गई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में केवल एक ही व्यक्ति अपनी जान बचा पाया था। मृतकों के परिवार आज भी न्याय और सच्चाई का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही दुर्घटना की असली वजह सामने आएगी।

Author: Smit Patel

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