Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई सब कैडर के तहत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला गर्मा गया है। चयनित शिक्षक अब केवल मेरिट सूची के आधार पर ही स्कूलों में तैनाती देने की मांग कर रहे हैं।
वेबसाइट से स्टेशनों का विकल्प हटने पर पैदा हुआ गंभीर विवाद
इस बड़े विवाद के बीच परीक्षा पास करने वाले सेवारत शिक्षक जल्द ही शिमला सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे। शिक्षक इस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की गुहार लगाएंगे। राजकीय टीजीटी कला संघ ने इस पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने बताया कि आवेदन के शुरुआती दिनों में स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर अभ्यर्थियों को 10 पसंदीदा स्टेशनों के विकल्प भरने की सुविधा मिली थी। लेकिन बाद में इस विकल्प को अचानक हटा दिया गया, जिससे मौजूदा संकट पैदा हुआ है।
काउंसलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन डाटा का सुझाव
यदि यह महत्वपूर्ण डाटा विभाग के पास उपलब्ध होता, तो ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए शिक्षकों की प्राथमिकता का सटीक अनुमान लग जाता। इससे पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया काफी सरल हो जाती। संघ ने सुझाव दिया है कि यह विकल्प डाटा अब भी शिक्षकों से ऑनलाइन लिया जा सकता है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से वास्तविक स्थिति बिल्कुल साफ हो जाएगी। इससे मेरिट के आधार पर स्कूलों में होने वाले संभावित चयन की पूरी तस्वीर साफ दिखेगी। महासचिव ने साफ किया कि चयनित स्टाफ पूरी तरह से सीबीएसई सब कैडर भर्ती नियम 5.5.5 के तहत ही काम करेगा।
दस हजार तबादलों की खबर अफवाह और नियमों के तहत मिले मौका
विजय हीर ने सोशल मीडिया पर चल रही 10,000 तबादलों की खबरों को पूरी तरह से अफवाह करार दिया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या इससे बहुत कम रहने वाली है। राज्य चयन आयोग के माध्यम से होने वाली नई नियुक्तियों में बेवजह का भ्रम फैलाया जा रहा है।
उन्होंने मांग की है कि मेरिट में आने वाले शिक्षकों को सीबीएसई स्कूलों में जाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। जो शिक्षक इस बार असफल रहे हैं, वे अगली परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। संघ ने इस विषय पर सब कमेटी के अध्यक्ष मुकेश अग्निहोत्री से भी सकारात्मक चर्चा की है।
Reported By: Sunita Gupta


