Kolkata News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के सियासी गलियारों में भारी उथल-पुथल मची हुई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे आंतरिक घमासान के बीच अब ममता बनर्जी की सबसे भरोसेमंद मानी जाने वाली सांसद सयानी घोष के भी बागी होने की खबरें तेज हैं।
इस बड़े राजनीतिक संकट के बीच हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि दीदी की इस युवा और तेजतर्रार नेता के पास कितनी धन-दौलत है। चुनाव आयोग को दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सयानी घोष अपनी पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के मुकाबले करीब 6 गुना ज्यादा अमीर हैं।
सादगी की मिसाल ममता बनर्जी की कुल संपत्ति
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को देश के सबसे सादगीपसंद राजनेताओं में गिना जाता है। उनके नवीनतम चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 15.37 लाख रुपये है। उनके पास अपनी कोई कार, जमीन या आलीशान मकान नहीं है।
ममता बनर्जी की संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा बैंक खातों में जमा राशि के रूप में है, जो करीब 13 लाख रुपये है। इसके अलावा उनके पास महज 9.75 ग्राम सोना है। उनकी कमाई का मुख्य जरिया उनकी लिखी किताबों से मिलने वाली रॉयल्टी और बैंक से मिलने वाला ब्याज ही है।
सांसद सयानी घोष के पास है कितनी धन-दौलत?
दूसरी ओर, जादवपुर से टीएमसी सांसद सयानी घोष की कुल घोषित संपत्ति करीब 91.89 लाख रुपये है। हालांकि, उन पर लगभग 59.85 लाख रुपये की देनदारियां यानी कर्ज भी है। इस कर्ज को हटाकर देखें तो उनकी शुद्ध संपत्ति करीब 32 लाख रुपये के आसपास बैठती है।
सयानी घोष के बैंक खातों में लगभग 10.25 लाख रुपये की नकदी जमा है। इसके अलावा उनके पास 8 ग्राम सोना और करीब 6 लाख रुपये की एक होंडा जैज कार भी है। कोलकाता के जादवपुर इलाके में उनके नाम पर एक आवासीय फ्लैट भी मौजूद है।
ग्लैमर की दुनिया से सियासी गलियारों तक का सफर
सयानी घोष राजनीति के मैदान में कदम रखने से पहले बंगाली फिल्म और टेलीविजन जगत की एक बेहद लोकप्रिय और मशहूर अभिनेत्री रही हैं। उन्होंने अपनी एक्टिंग, नामचीन ब्रांड एंडोर्समेंट और अन्य प्रोफेशनल कामों के जरिए अपनी इस चल और अचल संपत्ति को कमाया है।
साल 2021 में राजनीति में एंट्री करने के बाद वे पार्टी की यूथ विंग की अध्यक्ष बनीं और फिर संसद पहुंचीं। वर्तमान में देश की सांसद होने के नाते उन्हें मिलने वाला संसदीय वेतन, भत्ते और अन्य सरकारी सुविधाएं भी उनकी नियमित आय का एक बड़ा जरिया हैं।
Author: Rajesh Kumar


