Shimla News: हिमाचल प्रदेश में युवाओं और महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री विकास योजना के तहत बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा। इस पहल के अंतर्गत 2,420 लाभार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र को कार्यान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी है।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से इस परियोजना को मंजूरी दी गई है। मंत्रालय की निदेशक नेहा गिरी और हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र की कार्यकारी निदेशक दीपिका खत्री के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के बाद योजना को प्रदेश के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
महिलाओं और युवाओं पर रहेगा विशेष फोकस
योजना के तहत 1,700 महिलाओं को महिला नेतृत्व और उद्यमिता कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 720 युवाओं और अन्य पात्र अभ्यर्थियों को गैर-पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य केवल कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी विशेष जोर रहेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आधुनिक और बाजार आधारित क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी। इनमें माउंटेन क्यूज़ीन, फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी थेरेपी, नेतृत्व विकास और बिजनेस मेंटरिंग जैसे विषय शामिल हैं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की मदद से उन्हें व्यवसाय संचालन और रोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण के साथ मिलेगा व्यवसायिक मार्गदर्शन
योजना का उद्देश्य केवल तकनीकी कौशल विकसित करना नहीं है। प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों को उद्यमिता की बारीकियों से भी अवगत कराया जाएगा। उन्हें छोटे कारोबार शुरू करने, वित्तीय योजना बनाने और बाजार से जुड़ने के तरीके सिखाए जाएंगे, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें।
अधिकारियों के अनुसार लाभार्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान कई अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी। इसमें प्रतिभागियों की पहचान, जागरूकता अभियान, प्रमाणन और हैंडहोल्डिंग सहायता शामिल होगी। इससे प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।
जिलों में चरणबद्ध तरीके से चलेगा कार्यक्रम
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इस कार्यक्रम को चरणों में लागू किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक युवाओं और महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। स्थानीय जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे।
एचपीसीईडी की कार्यकारी निदेशक दीपिका खत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विकास योजना हिमाचल के युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगी। उनके अनुसार यह कार्यक्रम रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य में उद्यमिता संस्कृति को मजबूत करेगा और स्वरोजगार को नई दिशा देगा।
Author: Sunita Gupta

