Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल कसौली के जंगलों में भयंकर आग लग गई है। सोलन जिले के कोटी, सनावर और गढ़खल इलाकों में आग तेजी से फैल रही है। इस आपदा में करोड़ों रुपये की बेशकीमती वन संपदा जलकर पूरी तरह राख हो चुकी है।
तेज हवा और भीषण गर्मी से भड़की जंगलों की आग
कसौली के जंगलों में लगी यह आग पिछले कई घंटों से लगातार धधक रही है। भीषण गर्मी और सूखी वनस्पतियों के कारण आग की लपटें तेजी से विकराल रूप ले रही हैं। तेज हवाओं ने आग को और भड़का दिया है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं।
वन विभाग के कर्मचारी, दमकल विभाग की टीमें और स्थानीय ग्रामीण लगातार राहत कार्य में जुटे हैं। हालांकि, पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण आग बुझाने का काम बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। प्रशासन आग पर काबू पाने के लिए हर संभव जमीनी प्रयास कर रहा है।
राहत अभियान में उतरी वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर
हालात बेकाबू होते देख भारतीय वायुसेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है। वायुसेना ने कसौली और आसपास के प्रभावित इलाकों में आग बुझाने के लिए अपने शक्तिशाली Mi-17 हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। अब आसमान से पानी बरसाकर इस भीषण आग को बुझाने की कोशिश की जा रही है।
वायुसेना के पायलटों को रात में भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के विशेष निर्देश मिले हैं। इसके लिए उन्हें नाइट विजन गॉगल्स (NVG) दिए गए हैं, ताकि अंधेरे में भी आग बुझाने का काम न रुके। इस आधुनिक तकनीक की मदद से सेना रात के समय भी सटीक निशाना साध सकेगी।
बढ़ते तापमान से भड़की हिमाचल के जंगलों में दावानल
हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ता तापमान इस साल जंगलों में आग लगने की मुख्य वजह बना है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अकेले मई महीने में ही राज्य में आग लगने की 148 घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों से हजारों हेक्टेयर हरा-भरा वन क्षेत्र पूरी तरह तबाह हो गया है।
इस सीजन में सबसे ज्यादा नुकसान शिमला और नाहन वन सर्किल के जंगलों में दर्ज किया गया है। आग की वजह से बेजुबान जंगली जीवों के प्राकृतिक आशियाने छिन गए हैं। पर्यावरण को पहुंच रहे इस भारी नुकसान से मौसम विज्ञानी और प्रकृति प्रेमी बेहद चिंतित हैं।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट लोगों से सावधानी की अपील
सोलन जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जंगलों के आसपास न जाने की सख्त सलाह दी है। इसके साथ ही अनावश्यक आवाजाही पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सरकारी अधिकारी सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। इस हादसे से हुए नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए एक विशेष टीम भी गठित की गई है। फिलहाल हर स्तर पर आग को जल्द थामने की कोशिशें जारी हैं।
Author: Sunita Gupta

