बकरीद की शुभकामना पर घिरे शुभेंदु अधिकारी, समर्थकों की नाराजगी के बीच इस्कॉन दौरे ने बढ़ाई चर्चा

Kolkata News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बकरीद के अवसर पर दी गई उनकी शुभकामना पर सोशल मीडिया में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कई लोगों ने उनके संदेश का स्वागत किया, वहीं कुछ समर्थकों ने इस पर नाराजगी भी जताई।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बकरीद के मौके पर सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए ईद-उल-अजहा मनाने वाले लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि त्योहार मनाने वाले सभी परिवारों के जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहे। पोस्ट सामने आते ही बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करानी शुरू कर दी।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई तीखी बहस

मुख्यमंत्री के संदेश पर जहां कई यूजर्स ने सकारात्मक टिप्पणियां कीं, वहीं कुछ समर्थकों ने आपत्ति भी जताई। कई लोगों ने इसे राजनीतिक नजरिए से देखा और अपनी असहमति व्यक्त की। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए, जबकि अन्य ने इसे सभी समुदायों के प्रति सद्भाव का संदेश बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट के बाद बहस लगातार तेज होती गई। कुछ समर्थकों ने मुख्यमंत्री से उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर सवाल किए। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में त्योहारों पर शुभकामनाएं देना सामान्य और सकारात्मक परंपरा का हिस्सा है।

इस्कॉन मुख्यालय में किया गौ पूजन

इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नदिया जिले स्थित मायापुर इस्कॉन मुख्यालय दौरा भी चर्चा में रहा। उन्होंने पारंपरिक सफेद धोती-कुर्ता पहनकर गौशाला में विशेष गौ पूजा की। इसके बाद उन्होंने गायों को फल और मिठाइयां खिलाईं तथा धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने इस्कॉन के साधु-संतों और प्रबंधन के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने संगठन द्वारा दुनिया भर में भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और ‘हरे कृष्ण आंदोलन’ के प्रचार-प्रसार की सराहना की। यह मुख्यमंत्री बनने के बाद मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय का उनका पहला आधिकारिक दौरा था।

सनातन परंपरा और विकास पर जोर

मायापुर दौरे के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह एक सनातन परंपरा में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं और इस्कॉन के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि गीता के संदेश से प्रेरणा लेकर राज्य के विकास और लोगों के कल्याण के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस्कॉन ने श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और गौरव को आगे बढ़ाने में ऐसे संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

Author: Harikarishan Sharma

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