Himachal High Court Decision: अनुकंपा आधार पर सरकारी नौकरी पाने के लिए योग्यता जरूरी, हाई कोर्ट ने खारिज की आठवीं पास की याचिका

Himachal News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने अनुकंपा आधार पर मिलने वाली सरकारी नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि मृतक कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा नीति के तहत रोजगार पाने के लिए पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करना अनिवार्य है।

सात मार्च दो हजार उन्नीस की नीति के तहत सुनवाई

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने इस मामले की गहन सुनवाई की। अदालत ने पाया कि राज्य सरकार की सात मार्च 2019 की अनुकंपा नीति के क्लॉज-चार के प्रावधान बिल्कुल स्पष्ट हैं। इसके अनुसार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की मृत्यु पर आश्रित को चतुर्थ श्रेणी पद पर ही नियुक्ति मिल सकती है।

वर्तमान नियमों के अनुसार प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। चूंकि प्रस्तुत मामले का मुख्य याचिकाकर्ता केवल आठवीं कक्षा पास है, इसलिए वह कानूनी रूप से इस सरकारी पद के लिए योग्य नहीं माना जा सकता है।

अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि संबंधित विभाग द्वारा युवक के आवेदन को अस्वीकार करने का पुराना निर्णय वर्तमान नीति के दायरे में है। इस प्रशासनिक आदेश में कानूनी रूप से कोई गड़बड़ी नहीं है। इसी के साथ अदालत ने पीड़ित आश्रित की अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया।

अंशकालिक जलवाहक के रूप में भर्ती हुए थे पिता

मामले के तथ्यों के अनुसार याचिकाकर्ता के दिवंगत पिता शुरुआत में शिक्षा विभाग में अंशकालिक जलवाहक के रूप में भर्ती हुए थे। बाद में जनवरी 2019 में सरकार ने उनकी सेवाओं को दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में परिवर्तित कर दिया था। इसके बाद 23 जनवरी 2023 को उनका निधन हो गया था।

पिता की मृत्यु के बाद बेटे ने अनुकंपा के आधार पर चतुर्थ श्रेणी पद के लिए शिक्षा विभाग में आवेदन किया था। हालांकि विभाग ने 30 नवंबर 2023 को एक आदेश जारी कर उसकी अर्जी को खारिज कर दिया था। विभाग ने दलील दी थी कि आवेदक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करता है।

सरकारी विभाग के इस सख्त आदेश के खिलाफ ही पीड़ित युवक ने अपने न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब उच्च न्यायालय ने भी विभाग के फैसले को कानूनी रूप से सही ठहराया है। अदालत के इस बड़े फैसले से अनुकंपा नियुक्तियों के कई मामलों पर सीधा असर पड़ेगा।

Reported By: Adv Anuradha Rajput

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