SIP में निवेश की एबीसीडी: क्या आप भी पहली बार पैसा लगाते समय कर रहे हैं ये 4 बड़ी गलतियां?

Delhi News: आज के दौर में हर कोई अपनी कमाई बढ़ाने और भविष्य सुरक्षित करने के रास्ते तलाश रहा है। अगर आप निवेश की दुनिया में नए हैं और एक साथ बड़ी रकम लगाने से डरते हैं, तो एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है।

यह म्यूचुअल फंड में निवेश का एक ऐसा सुरक्षित तरीका है, जो आपमें हर महीने बचत करने की आदत डालता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस बेहतरीन प्लान को आप मात्र सौ रुपये की बेहद छोटी रकम से भी आसानी से शुरू कर सकते हैं।

जानिए कैसे काम करता है एसआईपी?

जब आप एसआईपी शुरू करते हैं, तो आपके बैंक खाते से हर महीने एक तय रकम सीधे म्यूचुअल फंड स्कीम में चली जाती है। इस रकम से आपको उस दिन की एनएवी यानी फंड की कीमत के हिसाब से जरूरी यूनिट्स मिल जाती हैं।

चूंकि बाजार हर दिन ऊपर-नीचे होता है, इसलिए इसकी एनएवी भी लगातार बदलती रहती है। जब बाजार गिरता है, तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और जब बाजार चढ़ता है, तो कम यूनिट्स मिलती हैं। इसे रुपये की लागत का औसत नियम कहते हैं।

लंबे समय में यह उतार-चढ़ाव आपके निवेश की औसत लागत को काफी कम कर देता है। इसके साथ ही यह आपको बाजार के बड़े जोखिमों से भी पूरी तरह बचाता है। आप अपनी सुविधा के हिसाब से अलग-अलग प्रकार के एसआईपी प्लान चुन सकते हैं।

नए निवेशक इन गलतियों से हमेशा बचें

म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करते समय पूरी समझदारी दिखाना बहुत जरूरी है। शुरुआती दौर में लोग अक्सर अपनी क्षमता से बहुत कम रकम का एसआईपी रखते हैं। इस गलती के कारण उनके वित्तीय लक्ष्य समय पर पूरे नहीं हो पाते हैं।

कई लोग बहुत कम समय के लिए निवेश करते हैं और जल्दी पैसा निकाल लेते हैं। ध्यान रखें कि कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज का असली फायदा सिर्फ लंबे समय में मिलता है। बिना दस्तावेज पढ़े आंख मूंदकर पैसा लगाना भारी पड़ सकता है।

इसके अलावा सैलरी या आमदनी बढ़ने के बाद भी अपनी एसआईपी की रकम को न बढ़ाना एक बड़ी भूल है। निवेशकों को फिक्स्ड, स्टेप-अप, परपेचुअल, ट्रिगर और कॉम्बो एसआईपी में से अपनी जरूरत के हिसाब से सही प्लान का चुनाव करना चाहिए।

Author: Rajesh Kumar

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