Himachal Pradesh News: खूबसूरत चंद्रताल झील का सफर जितना रोमांचक है, उतना ही खतरनाक भी हो चुका है। भारी बर्फबारी के बाद इस मार्ग को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। लेकिन रास्तों में बहते नालों के कारण सड़क की हालत बहुत दयनीय हो गई है। प्रशासन ने पर्यटकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है।
खराब रास्तों की वजह से इस समय केवल फोर बाई फोर गाड़ियों से ही सफर करना सुरक्षित है। सामान्य छोटी कारों को इन उफनते नालों को पार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई पर्यटक बिना सही जानकारी के सामान्य वाहनों में वहां जाकर फंस रहे हैं।
बिना पुल के नालों में फंस रही हैं पर्यटकों की गाड़ियां
स्थानीय प्रशासन के अनुसार कुछ दिन पहले ही चंद्रताल मार्ग से बर्फ हटाकर इसे बहाल किया गया था। इस दुर्गम रास्ते पर पड़ने वाले नालों पर पक्के पुल नहीं हैं। इस वजह से पानी का बहाव सीधा सड़क पर आ रहा है। फोर व्हील ड्राइव गाड़ियों को छोड़कर बाकी गाड़ियां कीचड़ में धंस रही हैं।
घाटी के अनुभवी चालकों नरेंद्र, दोरजे, टशी और तेंजिन ने बताया कि मनाली से चंद्रताल तक का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण है। चालकों को उबड़-खाबड़ रास्तों, गहरे कीचड़ और पानी के तेज थपेड़ों से जूझना पड़ता है। उन्होंने काजा लोक निर्माण विभाग से इस मुख्य मार्ग को तुरंत सुधारने की मांग की है।
विधायक ने दिया सड़क को जल्द सुधारने का भरोसा
सड़क खराब होने से न केवल सैलानियों को परेशानी हो रही है, बल्कि पर्यटन कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोग और चालक दल लगातार विभाग से मलबे को साफ करने और गड्ढों को भरने का आग्रह कर रहे हैं ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।
इस गंभीर मामले पर लाहुल स्पीति की स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने पर्यटकों को आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि मनाली से काजा मुख्य मार्ग के बातल से लेकर चंद्रताल झील तक की सड़क को जल्द सुधारा जाएगा। विभाग को निर्माण कार्य तेज करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
Author: Sunita Gupta


