नौकरी जाना तो बस शुरुआत, AI से पैदा हुआ दुनिया का सबसे बड़ा खतरा; दिग्गज टेक CEO ने चेताया

Technology News: दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण नौकरियां खोने का डर लगातार बना हुआ है। लेकिन अब इससे भी बड़ा एक ऐसा भयंकर खतरा सामने आया है, जिसे शायद आम लोग अब तक भांप नहीं पाए हैं।

जैसे-जैसे एआई टूल्स एडवांस हो रहे हैं, लोग उन पर निर्भर होते जा रहे हैं। वैश्विक साइबर सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक के सीईओ जॉर्ज कर्ट्ज ने सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में एक बेहद डरावनी चेतावनी दी है। उनके अनुसार एआई से सबसे बड़ा खतरा नौकरियां जाना नहीं, बल्कि सुरक्षा जोखिम हैं।

साइबर सुरक्षा के समीकरणों को पूरी तरह बदल रहा है AI

रिपोर्ट के अनुसार जॉर्ज कर्ट्ज ने बताया कि एआई टूल्स अब सॉफ्टवेयर की गंभीर कमियों का पता लगाने और उनका गलत फायदा उठाने के तरीकों को तेजी से बदल रहे हैं। इसकी वजह से अब कोई भी आम यूजर बिना किसी खास तकनीकी जानकारी के भी खतरनाक साइबर हमले आसानी से कर सकता है।

कर्ट्ज ने खुलासा किया कि एंथ्रोपिक के सहयोग से बना एक नया एआई मॉडल महत्वपूर्ण बग्स की पहचान करने में सक्षम है। वह इन बग्स को मिलाकर एक बेहद खतरनाक अटैक सीरीज बना देता है। जिन साइबर हमलों के लिए पहले बड़े और हाई-लेवल हैकर्स की जरूरत होती थी, उन्हें अब एआई ऑटोमेट कर रहा है।

अब कोई भी बन सकता है शातिर हैकर

क्राउडस्ट्राइक के सीईओ ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि अब एआई की मदद से कोई भी साधारण इंसान या डिजिटल एजेंट खतरनाक हैकर बन सकता है। वे ऐसे गंभीर साइबर हमलों को अंजाम दे सकते हैं जिससे किसी बड़ी कंपनी का अस्तित्व और देश का अहम बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो सकता है।

हाल ही में क्राउडस्ट्राइक ने नए एआई टूल्स की मदद से फॉर्च्यून सौ (Fortune 100) कंपनियों का एक सुरक्षा आकलन किया है। इस जांच में कंपनियों के सॉफ्टवेयर सिस्टम में लगभग पैंतालीस मिलियन यानी साढ़े चार करोड़ से ज्यादा सुरक्षा कमियां सामने आईं, जो बेहद चौंकाने वाली हैं।

फाइनेंशियल और बैंकिंग सेक्टर्स पर मंडराया बड़ा संकट

एआई द्वारा उजागर की जा रही ये कमियां उन फाइनेंशियल और बैंकिंग सेक्टर्स के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गई हैं जो पूरी तरह डिजिटल सॉफ्टवेयर सिस्टम पर निर्भर हैं। कर्ट्ज के अनुसार बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां एआई को सुरक्षित बनाने की तुलना में उसे बाजार में तेजी से अपनाने की होड़ में लगी हैं।

उन्होंने आज के इस नाजुक दौर को साइबर सुरक्षा के मामले में बिल्कुल ‘Y2K मोमेंट’ जैसा बताया है। इसका मतलब है कि समस्या बड़े पैमाने पर फैलकर तबाही मचाए, उससे पहले ही सरकारों और कंपनियों को इसमें तुरंत बड़ा निवेश करने और सुरक्षा पुख्ता करने की सख्त जरूरत है।

Author: Mohit

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