West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एनआईए ने मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने चार मामलों में इकतीस आरोपियों के खिलाफ कोलकाता सिटी सेशंस कोर्ट में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस बहुचर्चित मामले में बहुत तेजी से अपनी कार्रवाई पूरी की है। जांच एजेंसी ने डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को इस आरोपपत्र का मुख्य आधार बनाया है। इसके साथ ही मौके पर मौजूद कई अहम प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को भी इसमें शामिल किया गया है।
मुख्य साजिशकर्ता मोफक्केरुल इस्लाम समेत कई लोग नामजद
जांच एजेंसी ने इस गंभीर मामले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका का बहुत ही बारीकी से उल्लेख किया है। चार्जशीट के अनुसार इन लोगों ने अवैध रूप से भारी भीड़ जुटाई थी। इसके बाद सड़क जाम करके एसआइआर ड्यूटी पर तैनात न्यायिक अधिकारियों को गैरकानूनी तरीके से घंटों रोके रखा था।
एनआईए ने इस पूरे मामले में मोफक्केरुल इस्लाम को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित किया है। मोफक्केरुल का नाम दो अलग-अलग मामलों में दर्ज किया गया है। इसके अलावा एकरामुल बदनानी नाम के एक अन्य व्यक्ति को भी इस गंभीर वारदात में मुख्य आरोपी बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद एनआईए ने दिखाई तेजी
इस मामले में देश की शीर्ष अदालत ने भी कड़ा रुख अपनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने ग्यारह मई को एनआईए को इस मामले की जांच जल्द पूरी करने का आदेश दिया था। अदालत ने इसके लिए दो महीने की समयसीमा तय की थी, जिसके बाद यह चार्जशीट दाखिल हुई है।
मुख्य आरोपी मोफक्केरुल पर आरोप है कि उसने घटना से ठीक पहले एक बेहद भड़काऊ भाषण दिया था। उसके इसी भड़काऊ भाषण के कारण इलाके में तनाव फैला और भीड़ उग्र हो गई। घटना के बाद वह फरार हो गया था, जिसे बागडोगरा हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया।
एनआईए ने अब इस मामले से जुड़े एक और आरोपी को नए केस में शामिल कर लिया है। जांच एजेंसी ने अदालत से एक विशेष अनुमति भी मांगी है। इसके तहत एजेंसी दोनों मुख्य आरोपियों के आवाज के नमूने लेकर उनकी विस्तृत जांच करना चाहती है ताकि सबूत और पुख्ता हो सकें।
Author: Sourav Banerjee


