Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं और स्वास्थ्य ढांचे के लिए बड़े फैसलों को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए नई ‘राज्य नवाचार नीति’ को हरी झंडी दिखाई गई। सरकार इस नीति के माध्यम से राज्य को स्टार्टअप के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करेगी।
युवाओं को स्टार्टअप के लिए दो करोड़ का विशेष बजट
कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार वर्ष 2026 से 2028 तक इस नई योजना के क्रियान्वयन के लिए दो करोड़ रुपये का विशेष बजटीय प्रावधान किया गया है। अब तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी आसानी से अपने नए स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे। पहले यह पूरा काम केवल उद्योग विभाग के माध्यम से ही संचालित होता था।
प्रशासनिक सुधारों को बढ़ाते हुए सरकार ने कांगड़ा जिले के बैजनाथ और बीड़ उपमंडलों का पुनर्गठन करने का फैसला किया है। इसके तहत चढ़ियार में लोक निर्माण विभाग का नया उपमंडल स्थापित होगा। साथ ही पटोला और कंगैहण में बड़े बिजली सब-स्टेशन निर्माण के लिए चालीस वर्षों की लीज को मंजूरी दी गई है।
शिमला जिले के जुब्बल में स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को अब राजकीय बालिका खेल विद्यालय के रूप में स्तरोन्नत किया जाएगा। सरकार ने इस नए संस्थान के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 23 नए पदों को सृजित कर जल्द भरने की प्रशासनिक मंजूरी भी दे दी है।
मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भरे जाएंगे नए पद
कैबिनेट ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर और वरिष्ठ रेजिडेंट के दो-दो पद भरे जाएंगे। इसके अलावा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के छह प्रोफेसरों को एकमुश्त विशेष छूट दी गई है।
कांगड़ा के देहरा सिविल अस्पताल में 12 पद और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तीन पद भरे जाएंगे। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद भरे जाएंगे। इसके अलावा हमीरपुर के मझेली और नेरी बागवानी कॉलेज में भी नए पद मंजूर हुए हैं।
मंडी और होमगार्ड विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के पदों सहित हिमाचल प्रशासनिक सेवा के तीन नए पद भरे जाएंगे। नागरिक अस्पतालों की क्षमता सुधारने के लिए सरकाघाट अस्पताल में बिस्तरों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है। बद्दी अस्पताल को अब 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में बदला जाएगा।
स्थानीय मेलों को मिला नया दर्जा और अग्नि पीड़ितों को पैकेज
सोलन जिले के प्रसिद्ध शूलिनी मेले को राष्ट्रीय दर्जा दिया गया है। चंबा के छतराड़ी जातर मेले और कांगड़ा के काठगढ़ शिवरात्रि मेले को अब राज्यस्तरीय दर्जा मिलेगा। इसके अलावा नेरटी रैत, बाड़ीधार, गरनोटा और नाहवीधार मेलों को जिलास्तरीय मेलों की सूची में शामिल करने की मंजूरी दी गई है।
मंत्रिमंडल ने शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों के लिए एक विशेष वित्तीय राहत पैकेज को मंजूरी दी है। जिन गरीब परिवारों के मकान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार कुल 84.70 लाख रुपये बांटेगी।
Reported By: Sunita Gupta


