Delhi News: भारत सरकार अब प्रदूषण और महंगे विदेशी तेल से मुक्ति पाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। देश में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार एथेनॉल को तेजी से बढ़ावा देगी। इसके तहत देशभर में करीब 5,000 नए एथेनॉल पंप खोलने की महायोजना पर काम शुरू हो चुका है।
इस बड़े फैसले से न केवल विदेशों से आयात होने वाले कच्चे तेल पर देश का भारी खर्च बचेगा, बल्कि हमारे स्थानीय किसानों को भी अतिरिक्त कमाई का एक शानदार नया जरिया मिलेगा। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि अपशिष्टों से तैयार होता है, इसलिए इसे पूरी तरह घरेलू और नवीकरणीय ईंधन माना जाता है।
जानिए आखिर क्यों खास है सरकार का यह मेगा प्लान
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य शुद्ध या उच्च मिश्रण वाले एथेनॉल ईंधन को आम वाहन चालकों तक आसानी से पहुंचाना है। वर्तमान समय में बाजार में केवल एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल ही मिल रहा है। नए विशेष पंप खुलने के बाद भारतीय सड़कों पर फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के लिए ईंधन भरवाना बहुत आसान हो जाएगा।
फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियां खास तरह के इंजन के साथ आती हैं, जो पेट्रोल और एथेनॉल दोनों विकल्पों पर आसानी से चल सकती हैं। सरकार को पूरा भरोसा है कि एथेनॉल का उपयोग बढ़ने से जहरीला वायु प्रदूषण घटेगा। इसके साथ ही कृषि उत्पादों की मांग बढ़ने से हमारे ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत होगी।
वाहन बाजार और आम जनता पर क्या होगा इसका असर
देशभर में इन 5,000 एथेनॉल पंपों की शुरुआत से भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक क्रांतिकारी बदलाव आना तय है। सभी बड़ी कार और बाइक निर्माता कंपनियां अब फ्लेक्स फ्यूल तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं। आने वाले कुछ ही वर्षों में देश के भीतर ऐसे हाइब्रिड वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
एथेनॉल सामान्य पेट्रोल के मुकाबले काफी ज्यादा स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल माना जाता है, जिससे खतरनाक कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस योजना की सफलता से भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जहां आधुनिक एथेनॉल आधारित परिवहन व्यवस्था बड़े पैमाने पर काम करती है।
Author: Karan Kumar


