गोरखपुर में तेल का संकट: डीएम की सख्ती, पेट्रोल-डीजल जमा करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Gorakhpur News: गोरखपुर में पेट्रोल और डीजल की कमी से आम लोग बेहाल हैं। जिले में तेल की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए डीएम दीपक मीणा ने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। समीक्षा में सामने आया कि इस साल पिछले साल के मुकाबले 15 लाख लीटर अधिक तेल उपलब्ध कराया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, एक मई से 14 मई के बीच जिले को एक करोड़ 74 लाख लीटर से अधिक पेट्रोल-डीजल मिला है। सबसे ज्यादा आपूर्ति इंडियन ऑयल द्वारा की गई है। इसके बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने की समस्या लगातार बनी हुई है।

तेल की जमाखोरी से बढ़ी मुसीबत

बैठक में यह खुलासा हुआ कि लोग सामान्य से अधिक तेल खरीद रहे हैं और घरों में इसका स्टोरेज कर रहे हैं। यही वजह है कि पंप ड्राई हो रहे हैं और जरूरतमंद लोगों को तेल नहीं मिल पा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने चेतावनी दी है कि स्टोरेज करने वालों के खिलाफ अभियान चलेगा।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तेल जमा करने वालों की अब खुफिया जांच कराई जाएगी। पकड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कंपनियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे हर हाल में आपूर्ति सामान्य रखें ताकि किसानों को खेती के लिए जरूरी डीजल आसानी से उपलब्ध हो सके।

पंपों पर गैलन की लंबी कतारें

गुरुवार को जिले में 140 टैंकरों के जरिए 16 लाख 80 हजार लीटर तेल भेजा गया, फिर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की भारी मांग है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति न होने से किसान परेशान हैं। पंपों पर सुबह से शाम तक लोग गैलन लेकर लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।

शहर के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग एक-एक बूंद तेल पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग न करें और जरूरत से ज्यादा तेल का स्टॉक न करें। अगले कुछ दिनों में आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई गई है।

Author: Ajay Mishra

Hot this week

Related Articles

Popular Categories