Himachal News: हिमाचल प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच अचानक पेट्रोल और डीजल की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। पर्यटन सीजन शुरू होते ही सैलानियों की गाड़ियों का तांता लगा है। इसके चलते सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों ने राज्य में ईंधन की उपलब्धता पर बड़ा बयान जारी किया है।
तेल कंपनियों ने साफ किया है कि हिमाचल में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। लोग किसी भी अफवाह के चक्कर में आकर अतिरिक्त खरीदारी न करें। तेल डिपो और पंपों पर सप्लाई पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही है।
पर्यटन सीजन के कारण ईंधन की खपत में रिकॉर्ड उछाल
कंपनियों के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में फिलहाल रोजाना 1500 किलोलीटर पेट्रोल की सप्लाई हो रही है। वहीं गाड़ियों के लिए प्रतिदिन 2400 किलोलीटर डीजल की लगातार आपूर्ति की जा रही है। इस मजबूत व्यवस्था से ही राज्य में ईंधन की बढ़ती मांग को बिना रुके पूरा किया जा रहा है।
पिछले साल की इसी समान अवधि के मुकाबले इस बार हिमाचल में पेट्रोल की मांग 11 प्रतिशत बढ़ी है। खूबसूरत वादियों में देश भर से पर्यटकों के वाहन लगातार पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के बावजूद इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी सरकारी कंपनियां लगातार ईंधन की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित कर रही हैं।
अफवाहों पर न दें ध्यान और सामान्य तरीके से खरीदें ईंधन
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड शिमला के डिविजनल रिटेल हेड रचित अग्रवाल ने स्थिति स्पष्ट की है। हिमाचल प्रदेश के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर रचित ने कहा कि राज्य में सप्लाई चेन बेहद मजबूत है। वे लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं और उपभोक्ताओं को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी।
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहें। लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान्य तरीके से ही ईंधन की खरीदारी करें। देश भर में टर्मिनल, पाइपलाइन, डिपो और एलपीजी बॉटलिंग प्लांट बिना किसी रुकावट के 24 घंटे लगातार सक्रियता से काम कर रहे हैं।
सरकारी पेट्रोल पंपों पर उमड़ रही है उपभोक्ताओं की भारी भीड़
तेल कंपनियों के अनुसार देश के कई राज्यों में इस समय फसलों की कटाई का सीजन भी चल रहा है। कृषि गतिविधियों के कारण भी डीजल की खपत में अचानक तेजी आई है। इसके अलावा निजी आउटलेट्स की तुलना में सरकारी पेट्रोल पंपों पर कीमतें काफी कम और स्थिर बनी हुई हैं।
कम दाम होने की वजह से आम उपभोक्ता और व्यावसायिक गाड़ियां सरकारी पेट्रोल पंपों पर ही आ रही हैं। इससे सरकारी काउंटरों पर दबाव जरूर बढ़ा है। तेल कंपनियों ने कहा है कि सही और सटीक जानकारी के लिए लोग केवल अधिकृत स्रोतों और आधिकारिक सूचनाओं पर ही पूरा भरोसा करें।
Author: Sunita Gupta

