आरबीआई ने भरी केंद्र सरकार की तिजोरी, क्या इस बंपर फंड से आम जनता को मिलेगी टैक्स में बड़ी राहत?

Delhi News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये का अधिशेष ट्रांसफर करने का बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक की बोर्ड बैठक में इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह अब तक का सबसे बड़ा सालाना ट्रांसफर है, जिससे सरकारी खजाने को भारी मजबूती मिलेगी।

राजकोषीय घाटे और वैश्विक संकट से निपटने में मिलेगी बड़ी मदद

मौजूदा समय में सरकार पर विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने का भारी दबाव है। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य विवाद के कारण देश पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे नाजुक वक्त में आरबीआई से मिली यह भारी-भरकम राशि सरकार के लिए संजीवनी साबित होगी।

इस अतिरिक्त राजस्व से सरकार को बाजार से कम कर्ज लेना पड़ेगा। इससे नए बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू करने की गुंजाइश बढ़ेगी। इसके साथ ही सरकार के लिए देश के बजट में वित्तीय अनुशासन बनाए रखना बेहद आसान हो जाएगा। पिछले कुछ सालों से केंद्रीय बैंक लगातार सरकार को बड़ा फंड ट्रांसफर कर रहा है।

पिछले तीन वर्षों के मुकाबले इस बार मिली रिकॉर्ड डिविडेंड राशि

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 में 2,68,590 करोड़ रुपये और 2023-24 में 2,10,874 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। वहीं वित्त वर्ष 2022-23 में सरकार को 87,416 करोड़ रुपये मिले थे। इस बार का ट्रांसफर पिछले साल की तुलना में करीब 7 प्रतिशत अधिक है, जो देश की मजबूत अर्थव्यवस्था को दर्शाता है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में घरेलू आर्थिक स्थिति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान बैंक की बैलेंस शीट 20.61 प्रतिशत बढ़कर 91.97 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। बोर्ड ने आपातकालीन स्थितियों के लिए जोखिम बफर फंड में भी मोटी रकम जमा की है।

जानिए क्या होता है जोखिम बफर और कैसे काम करता है फंड

आरबीआई अपने पास एक विशेष फंड आपातकालीन जोखिमों से निपटने के लिए सुरक्षित रखता है। बोर्ड ने इस साल जोखिम बफर (CRB) के लिए 1.09 लाख करोड़ रुपये अलग रखे हैं। यह राशि कुल बैलेंस शीट का एक निश्चित प्रतिशत होती है। इसे बनाए रखने के बाद ही बचा हुआ अधिशेष सरकार को दिया जाता है।

वित्त मंत्री ने बजट में केंद्रीय बैंक और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों से कुल 3.16 लाख करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य रखा था। इस कुल लक्ष्य का लगभग 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा अकेले आरबीआई से ही मिलता है। इस लिहाज से यह ट्रांसफर पूरी तरह से सरकार के बजटीय अनुमानों के अनुरूप है।

Author: Rajesh Kumar

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