Business News: देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की किल्लत को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी अफवाह फैल रही है। इस बीच देश की तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों ने गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनियों ने ईंधन की कमी की सभी खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने जनता से सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कंपनियों ने बताया कि देश में ईंधन वितरण नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहा है। तेल कंपनियों के पास ग्राहकों के लिए पर्याप्त स्टॉक और नियमित सप्लाई मौजूद है।
राजस्थान और उत्तराखंड में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने साफ किया कि राजस्थान, कर्नाटक और उत्तराखंड में आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। अफवाहों के बावजूद जयपुर समेत राजस्थान के सभी पेट्रोल पंपों पर तेल का पर्याप्त भंडार है। राज्य में ईंधन की बिक्री पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में मई महीने के शुरुआती बीस दिनों में पेट्रोल की आपूर्ति 19 प्रतिशत बढ़ी है। इसी अवधि में डीजल की मांग और आपूर्ति में भी 24.5 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में तेल की कोई कमी नहीं है।
अफवाहों से बचें और घबराकर खरीदारी बिल्कुल न करें
एचपीसीएल ने उत्तराखंड के अगस्तमुनि और गुप्तकाशी क्षेत्रों में तेल संकट की खबरों को गलत बताया है। वहां के स्थानीय रिटेल आउटलेट्स पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। दूसरी ओर भारत पेट्रोलियम ने भी स्पष्ट किया कि नैनीताल के कालाढुंगी में उनके पंपों पर अगले चार दिनों का एडवांस स्टॉक मौजूद है।
इसके साथ ही कर्नाटक में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने पर 1,874 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं। इंडियन ऑयल ने भी ग्राहकों से अपील की है कि वे शांति से ईंधन खरीदें और घबराकर बिल्कुल न घबराएं।
Author: Rajesh Kumar

