Bihar News: सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी और लक्ष्य पर अटूट ध्यान रखने का बड़ा इनाम मिला है। बिहार के गया निवासी होनहार छात्र शुभम कुमार ने इसी अचूक मूलमंत्र के दम पर देश की सबसे कठिन संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
सोमवार सुबह घोषित नतीजों के मुताबिक शुभम कुमार ने जेईई एडवांस्ड 2026 में 360 में से कुल 330 अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश को चौंका दिया है। इस सफलता से उनके गृह जिले में खुशी का माहौल है।
वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के गुरुग्राम निवासी कबीर छिल्लर महज एक अंक से पिछड़ गए। कबीर ने परीक्षा में कुल 329 अंक हासिल किए और पूरे देश में दूसरा स्थान पाया है। इन दोनों ही मेधावी छात्रों ने राजस्थान के कोटा स्थित कोचिंग से तैयारी की थी।
टॉपर शुभम ने मीडिया से बातचीत में अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और कोटा के शिक्षकों को दिया है। वह दो साल पहले कक्षा 11वीं में पढ़ाई करने के लिए गया से कोटा शहर आए थे। उनके पिता शिव कुमार व्यवसायी हैं।
शुभम ने बताया कि वे रोजाना नियमित रूप से 8 से 10 घंटे कठिन पढ़ाई करते थे। वे अपने शौक के लिए केवल रविवार को ही क्रिकेट और बैडमिंटन खेलते थे। तनाव होने पर वे रोजाना पांच से दस मिनट तक ध्यान का सहारा लेते थे।
एक ही हॉस्टल में रहकर दोनों दोस्तों ने किया टॉप
इस रिजल्ट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि शुभम और कबीर कोटा के एक ही हॉस्टल में रहते थे। दिनभर की थका देने वाली लंबी पढ़ाई के बाद दोनों का एक ही नियम था। दोनों शाम को बैडमिंटन कोर्ट पर माइंड फ्रेश करने उतरते थे।
इस कड़े अनुशासन ने आज इन दोनों दोस्तों को देश के सबसे ऊंचे शिखर पर लाकर खड़ा कर दिया है। अब इन दोनों यारों का अगला सपना भी बिल्कुल साझा है। दोनों छात्र अब आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं।
शुभम ने बताया कि विशेष अध्ययन सामग्री और प्रतिस्पर्धी माहौल केवल कोटा जैसे शहर में ही मिल सकता है। उन्होंने हर चुनौती को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा में बदला। कबीर के पिता मोहित छिल्लर भी खुद पूर्व आईआईटी छात्र और सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
इस महापरीक्षा में देश की बेटियों ने भी अपना शानदार परचम लहराया है। दिल्ली जोन की होनहार छात्रा आरोही देशपांडे महिला अभ्यर्थियों की श्रेणी में सबसे आगे रही हैं। उन्होंने कुल 280 अंक हासिल कर कॉमन रैंक लिस्ट में 77वीं रैंक पाई है।
Author: Rashmi Sharma


