Career Guidance: क्या आप भी बनना चाहते हैं आईएएस अधिकारी? जानिए प्रशासनिक सेवा में सफलता पाने का सबसे सटीक और असरदार मूलमंत्र

Patna News: बिहार की राजधानी पटना में छात्रों को सुनहरे भविष्य का नया रास्ता दिखाने के लिए एक भव्य सेमिनार का आयोजन हुआ। यूनाइटेड यूनिवर्सिटी और दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘स्पार्क-26’ सेमिनार में युवाओं को सफलता के कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।

इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पटना ईस्ट के एसपी परिचय कुमार शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को हमेशा बड़े सपने देखने चाहिए। बड़े लक्ष्य ही छात्रों को कठिन परिश्रम और सफलता की ओर लगातार प्रेरित करते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि जीवन का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट हो, तो इंसान किसी भी मंजिल को आसानी से पा सकता है। इंटरमीडिएट के बाद स्नातक में दाखिला लेते समय छात्रों को खुले दिमाग से सोचना चाहिए। किसी के दबाव या प्रभाव में आकर विषयों का चयन बिल्कुल न करें।

एसपी परिचय कुमार ने सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए ग्रेजुएशन का समय सबसे उपयुक्त होता है। छात्र इस समय सही दिशा में अपनी पढ़ाई शुरू कर मनचाहा मुकाम हासिल कर सकते हैं।

जानिए दिलीप कुमार का सफलता मंत्र और बिहार का गौरवशाली इतिहास

समारोह में पूर्व मध्य रेल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक दिलीप कुमार ने भी छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर कड़ी मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती है। जो लोग अपने लक्ष्य की तरफ बिना रुके बढ़ते हैं, वे निश्चित रूप से सफल होते हैं।

दिलीप कुमार ने गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि बिहार ज्ञान और अध्यात्म की पवित्र भूमि है। यह भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की धरती है। दुनिया को शून्य का अनमोल ज्ञान देने वाली इस पावन माटी के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा छिपी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सुबह जल्दी उठकर एक अनुशासित जीवन शैली अपनाने की विशेष सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज बिहार के युवा हर बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में अपनी काबिलियत का परचम लहरा रहे हैं। यह उनकी अटूट लगन और कड़े अनुशासन का सबसे बेहतरीन परिणाम है।

सिविल सेवा परीक्षा में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट बैकग्राउंड का बड़ा फायदा

यूपीएससी परीक्षा के पैटर्न पर बात करते हुए एसपी परिचय कुमार ने कुछ तकनीकी पहलू साझा किए। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग और सामान्य स्नातक दोनों ही उच्च शिक्षा के मजबूत आधार हैं। इंजीनियरिंग के बाद एमबीए करने वाले छात्रों को प्रशासनिक सेवा में अतिरिक्त लाभ मिलता है।

प्रशासनिक कार्यों में एमबीए के दौरान सीखे गए प्रबंधन कौशल, बेहतर संचार और त्वरित निर्णय क्षमता बहुत काम आती है। हालांकि यह कोर्स अनिवार्य नहीं है, लेकिन तकनीकी और विश्लेषणात्मक क्षमता मजबूत होने से छात्रों को देश की सबसे कठिन परीक्षा में काफी मदद मिलती है।

अपनी रुचि के अनुसार चुनें कॉलेज और भविष्य का सही कोर्स

यूनाइटेड यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर प्रसन्न राय ने संचार कौशल को करियर के लिए बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री काफी नहीं है। आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखना और लगातार नया सीखना ही आपको दूसरों से अलग बनाता है।

विश्वविद्यालय के सह प्राध्यापक डॉ. निशांत दाभाडे ने संस्थान के चयन पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रवेश लेने से पहले कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता, ट्रेनिंग सिस्टम और प्लेसमेंट रिकॉर्ड जरूर जांचें। आज मैनेजमेंट, मास कम्युनिकेशन और डिजाइनिंग जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

मोटिवेशनल स्पीकर अरुणेंद्र सोनी ने कहा कि करियर की असली बुनियाद नौवीं और दसवीं कक्षा में ही पड़ जाती है। इस दौरान पढ़ाई के प्रति गंभीरता भविष्य की सही दिशा तय करती है। अंत में बारहवीं में बेहतर अंक लाने वाले होनहार छात्रों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।

Author: Rashmi Sharma

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