टीम इंडिया के खिलाड़ी एक टेस्ट मैच से करते हैं करोड़ों की कमाई, बीसीसीआई का यह नियम जानकर रह जाएंगे हैरान

Cricket News: भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी सालाना कमाई के मामले में दुनिया के अधिकांश देशों के एथलीटों से काफी आगे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत अलग-अलग श्रेणियों में बांटता है। इसी सालाना अनुबंध के आधार पर खिलाड़ियों को मोटी तनख्वाह दी जाती है।

सीमित ओवरों के मुकाबलों की तुलना में टेस्ट मैच ज्यादा थकान देने वाले होते हैं। यह पारंपरिक खेल पूरे पांच दिनों तक चलता है। क्रिकेट फैंस अक्सर जानना चाहते हैं कि क्या टेस्ट मैच खेलने के लिए खिलाड़ियों को अधिक पैसा मिलता है। आइए जानते हैं टीम इंडिया के खिलाड़ी एक मैच से कितनी कमाई कर लेते हैं।

बीसीसीआई देती है सालाना सैलरी से अलग मैच फीस

भारतीय खिलाड़ियों को एक टेस्ट मैच खेलने के लिए 15 लाख रुपये की फिक्स मैच फीस मिलती है। यह बड़ी रकम खिलाड़ियों को बीसीसीआई से मिलने वाली सालाना तनख्वाह से बिल्कुल अलग दी जाती है। बोर्ड अपनी कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में ग्रेड के हिसाब से सालाना 1 करोड़ से 7 करोड़ रुपये तक सैलरी देता है।

इस फिक्स मैच फीस के अलावा भी बोर्ड खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बड़ा इंसेंटिव देता है। बीसीसीआई ने साल 2024 में टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए एक नई इंसेंटिव स्कीम लागू की थी। युवा खिलाड़ी रेड बॉल क्रिकेट के प्रति आकर्षित हों, इसी उद्देश्य से यह बड़ा फैसला लिया गया था।

सीजन में ज्यादा मैच खेलने पर मिलता है बंपर बोनस

यह विशेष इंसेंटिव खिलाड़ियों को सालभर में खेले गए कुल मैचों की संख्या के आधार पर दिया जाता है। यदि कोई खिलाड़ी एक सीजन में 50 प्रतिशत से अधिक टेस्ट मैचों में खेलता है, तो प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहने वाले मुख्य प्लेयर को प्रति मैच 30 लाख रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव मिलता है।

वहीं यदि कोई खिलाड़ी अंतिम एकादश से बाहर रहता है लेकिन वह पूरे सीजन में स्क्वाड का हिस्सा बना रहता है, तो उसे प्रति मैच 15 लाख रुपये का इंसेंटिव दिया जाता है। इस बेहतरीन नियम के कारण टीम के साथ सफर करने वाले बेंच स्ट्रेंथ के खिलाड़ियों को भी बड़ा वित्तीय फायदा मिलता है।

75 प्रतिशत मैचों का हिस्सा बनने पर होगी पैसों की बारिश

यदि कोई सीनियर खिलाड़ी एक सीजन में 75 प्रतिशत से अधिक टेस्ट मैच खेल लेता है, तो मैदान पर उतरने वाले प्लेयर को 45 लाख रुपये मिलते हैं। वहीं नॉन-प्लेइंग खिलाड़ी को 22.5 लाख रुपये प्रति मैच का बोनस मिलता है। इस तरह एक खिलाड़ी सीजन में 10 मैच खेलकर 2 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा लेता है।

Author: Prem Sharma

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