Sidhi News: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और सीधी विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीति पाठक ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। रीति पाठक ने इस पूरी परिस्थिति के लिए कांग्रेस की अंदरूनी कलह को जिम्मेदार ठहराया।
विधायक रीति पाठक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से गुटबाजी और आपसी खींचतान का शिकार रही है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन जैसी वरिष्ठ महिला नेता के साथ जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रीति पाठक ने दावा किया कि कांग्रेस के अंदर चल रहे षड्यंत्र के कारण ही यह नामांकन निरस्त हुआ है।
इन नेताओं का भी हुआ था यही हाल
रीति पाठक ने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी में घोषित उम्मीदवारों के टिकट कटना या नामांकन रद्द होना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में गुजरात की सूरत सीट से नीलेश कुंभानी भी इसी तरह की आपसी खींचतान का शिकार हुए थे।
पूर्व सांसद ने देश के अन्य राज्यों के उदाहरण भी सामने रखे। उन्होंने कहा कि साल 2009 में मध्य प्रदेश की विदिशा लोकसभा सीट से राजकुमार पटेल का पर्चा खारिज हुआ था। इसके अलावा साल 2019 में उत्तर प्रदेश की बांसगांव सीट से कुश सौरभ राव और अंबेडकर नगर से उम्मेद निषाद भी इसी गुटबाजी का शिकार बने थे।
भाजपा नेत्री ने आगे कहा कि महाराष्ट्र की रामटेक लोकसभा सीट से साल 2019 में रश्मि बर्वे का नामांकन भी कांग्रेस की लापरवाही के कारण ही रद्द हुआ था। रीति पाठक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के बड़े नेता अपने ही उम्मीदवारों को चुनाव मैदान से हटाने के लिए पर्दे के पीछे से गहरी साजिश रचते हैं।
जनता को सचेत रहने की जरूरत
रीति पाठक ने कांग्रेस पार्टी की नीति और नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नामांकन फॉर्म में पूरी और सही जानकारी न देना कांग्रेस के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। रीति पाठक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की यह कार्यशैली महिलाओं के प्रति उनकी संकुचित और विरोधी सोच को भी उजागर करती है।
सीधी विधायक ने देश और प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि लोगों को कांग्रेस की इस राजनीति से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं का हित नहीं सोच सकता, वह देश की आम जनता की भलाई कभी नहीं कर पाएगा।
Author: Vijay Chouhan


