Jerusalem News: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष अब खत्म होने की कगार पर है। दोनों देश आगामी 19 जून को आधिकारिक तौर पर शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए इस समझौते पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मध्य पूर्व में संघर्ष अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने देश की जनता को संबोधित करते हुए अपनी सेना की बड़ी उपलब्धियों को गिनाया। नेतन्याहू ने साफ किया कि ईरान के साथ ऐसा कोई भी समझौता इजराइल को मंजूर नहीं होगा, जो उसे परमाणु हथियार रखने की अनुमति दे।
इजराइल ने परमाणु हमले का खतरा पूरी तरह टाला
नेतन्याहू ने इजराइली जनता से कहा कि हमने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर इतिहास का सबसे बड़ा हमला किया है। इजराइली सेना ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों, आतंकी आकाओं और मिसाइल ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। हमारी सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि हमने देश पर मंडरा रहे परमाणु हमले के तात्कालिक खतरे को खत्म कर दिया।
इजराइली प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि उनकी सेना ने गाजा, लेबनान, सीरिया और यमन में ईरान समर्थित ग्रुप्स को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। इजराइल ने अपने चारों तरफ एक बेहद मजबूत और अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार कर लिया है।
गाजा और लेबनान में डटे रहेंगे इजराइली सैनिक
समझौते की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद नेतन्याहू ने टीवी पर लाइव आकर सैनिकों की तैनाती को लेकर स्थिति साफ की। उन्होंने एलान किया कि इजराइल की सेनाएं गाजा, लेबनान और सीरिया में लगातार बनी रहेंगी। जब तक देश की सुरक्षा के लिए जरूरी होगा, तब तक सैनिक इन अग्रिम मोर्चों और सुरक्षा क्षेत्रों से पीछे नहीं हटेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप के साथ अनबन पर दिया सीधा जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हालिया अनबन की खबरों पर भी नेतन्याहू ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कई बार हमारे विचार आपस में मिलते हैं और कुछ रणनीतिक मुद्दों पर हमारी राय अलग भी हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत के दौरान वह हमेशा इजराइल के राष्ट्रीय हितों को पूरी मजबूती से आगे रखते हैं।
एक रिपोर्टर ने जब पूछा कि क्या इजराइल अकेले ईरान या लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ स्वतंत्र एक्शन लेगा, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। नेतन्याहू ने इस पर सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रंप द्वारा की गई सार्वजनिक आलोचना के बाद भी वह देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेंगे।
Author: Pallavi Sharma


