ममता बनर्जी के सबसे मुश्किल दिनों में आया कीर्ति आजाद का बड़ा बयान, खोल दिए राजनीति के कई गहरे राज

West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे मुश्किल सियासी दिनों में एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से जहां लगातार टीएमसी नेताओं के पार्टी छोड़ने की खबरें आ रही थीं, वहीं अब दिग्गज नेताओं ने खुलकर दीदी का समर्थन कर दिया है।

पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद इस संकट के समय में पूरी मजबूती से ममता बनर्जी के साथ खड़े हो गए हैं। इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी साफ कर दिया है कि वे विकट परिस्थितियों में अपनी पार्टी का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे।

कीर्ति आजाद ने विरोधियों पर साधा तीखा निशाना

बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने दावा किया कि पार्टी के भीतर कोई भी बड़ी टूट नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आज भी हमारे 28 सांसद पूरी तरह एकजुट हैं। जो स्वार्थी नेता सालों तक जोंक की तरह पले, केवल वही भाग रहे हैं।

कीर्ति आजाद ने भारतीय जनता पार्टी के वर्क कल्चर पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अब तृणमूल कांग्रेस के पुराने नेताओं को शामिल कर लिया है। उन्होंने विपक्ष मुक्त भारत के नारे को पूरी तरह फेल बताते हुए अपनी पार्टी की एकजुटता का दावा किया।

संघर्षों की भट्टी में तपकर बनी हैं ममता

टीएमसी सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी ने अपने खून-पसीने से इस पार्टी का निर्माण किया है। उन्होंने जीवन में कई बार जानलेवा हमलों का सामना किया है। कीर्ति आजाद के अनुसार तृणमूल कांग्रेस का असली मतलब और उसकी पूरी पहचान सिर्फ ममता बनर्जी ही हैं।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अच्छे वक्त में तो सभी साथ होते हैं, लेकिन असल चरित्र की परीक्षा खराब समय में ही होती है। वे उस नेत्री को कभी धोखा नहीं दे सकते जिसने अपने दम पर संघर्ष की नई परिभाषा लिखी है और देश को नई दिशा दी है।

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चल रहा सियासी अभियान

आजाद ने बातचीत में बताया कि विरोधियों ने पहले ममता बनर्जी को खत्म करने के लिए उनके खिलाफ अभियान छेड़ा था। जब देश की जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया, तब उन्होंने युवाओं के लोकप्रिय नेता अभिषेक बनर्जी को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश शुरू कर दी।

उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने अब पूरी मुस्तैदी से पार्टी की कमान अपने हाथों में संभाल ली है। वे अभी नए हैं और धीरे-धीरे राजनीति के गुर सीख रहे हैं। किसी भी नेता को कमियां सुधारने के बजाय पार्टी छोड़कर भागना बिल्कुल नहीं चाहिए।

कांग्रेस के साथ विलय की खबरों का खंडन

कांग्रेस पार्टी में तृणमूल कांग्रेस के विलय के सवाल पर कीर्ति आजाद ने सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई विलय नहीं होगा। दोनों दल आगामी चुनाव एक मजबूत राजनीतिक गठजोड़ के रूप में मिलकर लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि जब तक सांसदों के इस्तीफे की कोई आधिकारिक लिस्ट नहीं आती, तब तक सब साथ हैं। काकोली दस्तीदार के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने चुनौती दी कि अगर उनके पास 20 सांसदों की सूची है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक करें।

यूसुफ पठान और सयानी घोष पर संशय

क्रिकेटर यूसुफ पठान का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि वे एक बेहद शरीफ इंसान हैं। भाजपा नेता उन पर लगातार दलबदल का भारी दबाव बना रहे हैं। पूर्व खिलाड़ी राजनीति नहीं करते, इसलिए परेशान होकर उन्होंने अपना फोन तक बंद कर लिया है।

अभिनेत्री और नेता सयानी घोष के विषय पर उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक भविष्य बेहद शानदार है। चुनावी रैलियों में उनके भाषणों को लाखों लोग पसंद करते हैं। हालांकि जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

भाजपा के एक महीने के शासन पर सवाल

पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल के दावों पर तंज कसते हुए आजाद ने कहा कि उन्होंने जून से महिलाओं को बड़ी रकम देने का वादा किया था। अब वे केवल फॉर्म भरवा रहे हैं और जनता विकास के पैसों के लिए पूरी तरह तरस रही है।

उन्होंने अंत में जोर देकर कहा कि संगठन का मूल ढांचा आज भी ममता बनर्जी के पास सुरक्षित है। तृणमूल के सभी कार्यकर्ता चुनौतियों का डटकर सामना करेंगे। वे अभिषेक बनर्जी के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेंगे और इस लोकतांत्रिक लड़ाई को जरूर जीतेंगे।

Author: Sourav Banerjee

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