Delhi News: नीति आयोग की शासी परिषद की हाई-प्रोफाइल बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के हक में आवाज बुलंद की है। उन्होंने केंद्र सरकार के सामने पंजाब से जुड़े कई बड़े और महत्वपूर्ण मुद्दों को बेहद मजबूती के साथ पेश किया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने देश की आंतरिक सुरक्षा का हवाला देते हुए पंजाब को ‘विशेष श्रेणी राज्य’ का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्यों की तर्ज पर सभी केंद्रीय योजनाओं में पंजाब के लिए 90:10 का अनुपात लागू करने की वकालत की।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। अग्रिम पंक्ति का राज्य होने के कारण पंजाब सीमा पार आतंकवाद, ड्रोन से हथियारों की सप्लाई और ड्रग्स तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों से लगातार लड़ रहा है।
बाढ़ की तबाही और केंद्र से शिकायत
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि साल 2025 में आई विनाशकारी बाढ़ से पंजाब के 2,300 से अधिक गांव बुरी तरह डूब गए थे। इस प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य को लगभग 12,905 करोड़ रुपये का भारी-भरकम आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ भेदभाव करने का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र की ‘वाइब्रेंट विलेज-II’ योजना में पंजाब के 2,000 गांवों की जगह केवल 107 गांवों को शामिल करना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि सुरक्षित और समृद्ध पंजाब के बिना देश का ‘विकसित भारत 2047’ का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। हालांकि, उन्होंने केंद्र को आश्वासन दिया कि देश के विकास के लक्ष्य को पाने में पंजाब हमेशा सबसे आगे रहेगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा में ऐतिहासिक काम
मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार की बड़ी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत अब राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुफ्त मिल रहा है।
प्रदेश में अब तक 990 ‘आम आदमी क्लीनिक’ पूरी तरह शुरू हो चुके हैं। इन क्लीनिकों में 107 आवश्यक दवाएं और 47 तरह के टेस्ट मुफ्त होते हैं। अब तक 55 करोड़ से ज्यादा ओपीडी मरीज इन सेवाओं का लाभ ले चुके हैं।
भगवंत मान ने बताया कि नीति आयोग की ‘शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट-2026’ में पंजाब पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ स्कूली शिक्षा प्रणाली बनकर उभरा है। राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए कई अत्याधुनिक बिजनेस और माइंडफुलनेस कार्यक्रम सफलतापूर्वक चलाए जा रहे हैं।
मोहाली को सेमीकंडक्टर हब बनाने का प्लान
मुख्यमंत्री ने मोहाली को ‘राष्ट्रीय ज्ञान एवं शिक्षा केंद्र’ घोषित करने की बड़ी मांग रखी। इसके साथ ही उन्होंने मोहाली में एक आधुनिक ‘एकीकृत सेमीकंडक्टर मेगा-क्लस्टर’ स्थापित करने का एक बेहद क्रांतिकारी और बड़ा प्रस्ताव केंद्र के सामने रखा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण के लिए घोषित 4,500 करोड़ रुपये का निवेश मोहाली में करना चाहिए। मोहाली का बुनियादी ढांचा भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में दुनिया की एक नई वैश्विक महाशक्ति बना सकता है।
भगवंत मान ने राज्य में नशीली दवाओं के खिलाफ चल रही जंग का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य में 547 क्लीनिक और 90 पुनर्वास केंद्र सक्रिय हैं। ‘स्कूल अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान से 8 लाख छात्रों को जागरूक किया गया है।
Author: Gurpreet Singh


