Delhi News: मिडिल-ईस्ट में जारी भीषण तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में होने वाले आगामी जी7 समिट के दौरान आमने-सामने एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे।
वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को इस महामुलाकात की आधिकारिक पुष्टि की है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार दोनों वैश्विक नेताओं के बीच एक बड़ी व्यापारिक डील (ट्रेड डील) को लेकर बेहद गंभीर बातचीत होने की पूरी संभावना है।
सीनियर अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि भले ही यह बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील फ्रांस में तुरंत फाइनल न हो सके। इसके बावजूद भारत और अमेरिका के बीच कई जटिल तकनीकी मुद्दों को सुलझाने के लिए यह बैठक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौतों पर गहन मंथन जारी
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच एक मजबूत जॉइंट फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर इस साल की शुरुआत में ही हस्ताक्षर हो चुके थे। हम पिछले एक साल से भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार बहुत ही गहन बातचीत कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार कुछ हफ्ते पहले अमेरिका की एक उच्च स्तरीय विशेष टीम ने भारत का दौरा भी किया था। वहां भारतीय नीति निर्माताओं के साथ व्यापारिक नियमों को आसान बनाने के लिए काफी अच्छी और सकारात्मक बातचीत की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
अमेरिकी अधिकारी ने बड़ा अपडेट देते हुए कहा कि वह खुद अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या दोनों देश इस महत्वपूर्ण व्यापारिक डील को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था का डेटा अप्रोच अमेरिका से बिल्कुल अलग
प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका और भारत के बीच इतिहास में पहले कभी कोई बड़ी ट्रेड डील नहीं हुई है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं और काम करने के तरीके एक-दूसरे से काफी भिन्न और बेहद जटिल हैं।
अमेरिकी पक्ष का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था में बहुत सारे कड़े डेटा अप्रोच शामिल हैं। इन सख्त नियमों के कारण अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजारों में खुलकर बिजनेस करना और निवेश बढ़ाना थोड़ा मुश्किल साबित होता है।
व्हाइट हाउस के अनुसार जी7 समिट में इस डील को पूरी तरह फाइनल करना मुमकिन नहीं होगा। इसके लिए अभी कुछ और दौर की तकनीकी चर्चाएं करनी होंगी। हालांकि दोनों शीर्ष नेताओं के पास आगे का रोडमैप तैयार करने का यह बेहतरीन मौका होगा।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नई दिल्ली से फ्रांस के अपने ऑफिशियल दौरे पर रवाना हो गए हैं। वह वहां जी7 समिट में हिस्सा लेने के साथ ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाकिया के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगे।
Author: Harikarishan Sharma


