Himachal Pradesh News: शिमला जिले में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कर्तव्य में कोताही बरतने पर बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने पोलिंग पार्टी संख्या-65 के सभी चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
लापरवाही के चलते रोकना पड़ा मतदान
यह मामला ग्राम पंचायत नरैन के वार्ड नंबर-1 स्थित ब्रांदली-1 मतदान केंद्र का है। तैनात पोलिंग पार्टी ने मतदान कक्ष के अंदर एरो क्रॉस मार्क सील के साथ गलती से नोटा (NOTA) की रबर स्टाम्प भी छोड़ दी। इस गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
एक जागरूक मतदाता ने इस गंभीर चूक की शिकायत तुरंत उच्च अधिकारियों से की। मतदाता का कहना था कि उसने अनजाने में उम्मीदवार के चुनाव चिह्न के बजाय NOTA की मुहर लगा दी। जब तक मामले की सूचना सहायक रिटर्निंग अधिकारी को मिली, तब तक 124 लोग वोट डाल चुके थे।
निलंबित अधिकारियों की सूची और नया मुख्यालय
प्रशासन ने इस चूक को चुनावी प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही माना है। निलंबित होने वालों में पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार (टीजीटी, देव नगर) और मतदान अधिकारी प्रकाश चंद (एलटी, मश्नू) शामिल हैं। इनके अलावा मतदान अधिकारी राज कुमार (पीईटी, मुनिश बहाली) और रमेश चंद (जेओए आईटी, सराहन) को भी सस्पेंड किया गया है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने साफ किया कि चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी अधिकारियों का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी कार्यालय रामपुर तय किया गया है। यह सख्त आदेश जिले में तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
Author: Sunita Gupta


