क्या 97 साल के परसराम चुनाव जीत गए? सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर का सच उड़ा देगा होश

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव के बीच एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर 97 वर्षीय प्रत्याशी परसराम की जीत का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि हमारी जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक साबित हुआ है।

एआई से बना जीत का फर्जी पोस्टर वायरल

कांगड़ा के नगरोटा बगवां विकास खंड की नवगठित झिकला हटवास पंचायत से यह मामला सामने आया है। इंटरनेट पर मंगलवार को एक पोस्टर वायरल हुआ जिसमें उपप्रधान पद के उम्मीदवार परसराम को विजयी घोषित कर दिया गया। असल में यह पोस्टर एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है।

इस पूरे मामले पर खुद बुजुर्ग उम्मीदवार परसराम ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि उनकी पंचायत में अभी मतदान हुआ ही नहीं है। झिकला हटवास में आगामी 28 मई को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद ही असली नतीजों की घोषणा चुनाव आयोग करेगा।

नामों के भ्रम से फैली गलत अफवाह

दरअसल नगरोटा बगवां ब्लॉक की 12 पंचायतों में 26 मई को शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ था। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस चरण में कुल 81.20 फीसदी वोट पड़े। इस दौरान हटवाल पंचायत में भी मतदान हुआ। इसी हटवाल और झिकला हटवास के नाम में समानता के कारण यह भ्रम फैला है।

झिकला हटवास एक नई पंचायत है जो पुरानी हटवास पंचायत से अलग होकर बनी है। परसराम ने अपनी जीत की उम्मीद जताते हुए कहा कि लोग उन्हें बहुत पसंद कर रहे हैं। प्रथम चरण में राज्य की 1293 पंचायतों के नतीजे जरूर आ चुके हैं लेकिन परसराम की किस्मत का फैसला होना बाकी है।

कमर झुकी पर हौसला आज भी बुलंद

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) से जुड़े रहे परसराम इस उम्र में भी खासे सक्रिय हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उनकी कमर भले ही झुक गई है लेकिन उनका हौसला कमजोर नहीं हुआ। वह बिना चश्मे के अखबार पढ़ते हैं और उनकी देखने तथा सुनने की क्षमता बिल्कुल सामान्य है।

Author: Sunita Gupta

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