Shimla News: हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तेलंगाना में पीएम मोदी द्वारा हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर की गई टिप्पणी ने राज्य में राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है। मंत्री ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को राज्य की इतनी चिंता है, तो उन्हें तुरंत जीएसटी बकाया जारी करना चाहिए। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह पहले राज्यों के विकास कार्य रोकता है और फिर उनकी आलोचना करता है।
शिमला में पत्रकारों से चर्चा के दौरान अनिरुद्ध सिंह ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लोगों को सोना न खरीदने की अजीब सलाह दे रहे हैं। जबकि भारतीय समाज में शादियों और निवेश के लिए सोना खरीदना एक परंपरा है। मंत्री ने सवाल उठाया कि जब महंगाई चरम पर है और रुपया डॉलर के मुकाबले गिर रहा है, तब केंद्र इन बुनियादी मुद्दों पर चुप्पी क्यों साधे हुए है?
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर घेरा
अनिरुद्ध सिंह ने अंतरराष्ट्रीय बाजार का हवाला देते हुए केंद्र को घेरा। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होने के बावजूद देश में ईंधन महंगा हो रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार जानबूझकर असली समस्याओं से जनता का ध्यान भटका रही है। देश की आर्थिक चुनौतियां अब मध्यम वर्ग के लिए बड़ी समस्या बन चुकी हैं।
मंत्री ने कोरोना काल की याद दिलाते हुए केंद्र की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय थालियां बजवाकर दिखावा किया गया, जबकि लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई। अनिरुद्ध सिंह ने कोविड वैक्सीन के दुष्प्रभावों और हालिया स्वास्थ्य रिपोर्टों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को वैक्सीन के बाद सामने आ रही शारीरिक जटिलताओं पर देश को स्पष्ट और वैज्ञानिक जवाब देना चाहिए।
अस्पताल शिफ्टिंग विवाद पर सरकार का रुख
शिमला के ऐतिहासिक कमला नेहरू अस्पताल (KNH) को आईजीएमसी परिसर से शिफ्ट करने पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार डेंटल कॉलेज में अस्पताल को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ विस्तार से चर्चा की है। हालांकि कुछ डॉक्टर इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार सभी पक्षों की राय के बाद ही अंतिम निर्णय लेगी।
अनिरुद्ध सिंह ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुलभ और आधुनिक बनाना है। अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए जनता और संबंधित संगठनों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी बदलाव से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीजों को मिलने वाली सेवाओं में कोई व्यवधान न आए। सरकार संवाद के माध्यम से सभी आपत्तियों का समाधान करेगी।


