विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की महाबैठक में बड़ा फैसला, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा, सीजेआई को लिखेंगे पत्र

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण बैठक की। इस महाबैठक में एकजुटता दिखाते हुए विपक्षी दलों ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की है।

विपक्षी गठबंधन ने चुनाव के दौरान कथित ‘वोट लूट’ के बड़े मुद्दे पर देश के प्रधान न्यायाधीश को एक विशेष पत्र भेजने का निर्णय लिया है। दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में करीब ढाई घंटे तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव पास किए गए।

देश की गंभीर आर्थिक स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में हुई इस बैठक में विपक्ष ने केंद्र सरकार से तुरंत एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया। विपक्ष चाहता है कि देश की मौजूदा नाजुक आर्थिक स्थिति, भयंकर बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर संसद से बाहर भी चर्चा हो।

विपक्षी दलों के बड़े नेताओं ने आपसी सहमति से यह भी तय किया कि वे अब हर दो महीने में इस तरह की रिव्यू बैठक करेंगे। अलायंस की अगली बड़ी बैठक आगामी अगस्त महीने में हैदराबाद में आयोजित होगी, जहां आगे की चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

नीट और सीबीएसई परीक्षा प्रणाली के बड़े विवादों पर हुई चर्चा

इस महाबैठक में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में हुई कथित धांधली और सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी ओएसएम डिजिटल सिस्टम से जुड़े बड़े विवादों पर गहन मंथन हुआ। इसके साथ ही देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई गई।

बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हुए। इसके अलावा राजद के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले समेत 22 दलों के दिग्गज नेता मौजूद रहे।

उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े

महाराष्ट्र से शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खराब स्वास्थ्य या व्यस्तता के कारण इस फिजिकल मीटिंग में नहीं आ सके। इसलिए वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन जुड़े। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी शामिल हुए।

बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गठबंधन ने मुख्य रूप से पांच एजेंडों पर अपनी सहमति जताई है। सभी घटक दल इन मुद्दों पर देशव्यापी आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में हेरफेर और निष्पक्षता के सवाल पर सीजेआई को जल्द पत्र सौंपा जाएगा।

संसद के मानसून सत्र के दौरान जारी रहेगा मजबूत को-ऑर्डिनेशन

खरगे ने बताया कि संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान सभी विपक्षी दलों के बीच मजबूत को-ऑर्डिनेशन जारी रहेगा। इसके लिए हर दिन सुबह लीडर ऑफ अपोजिशन के पार्लियामेंट ऑफिस में एक विशेष समन्वय बैठक होगी, जिसमें सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की जाएगी।

इस बैठक से आम आदमी पार्टी और डीएमके ने पूरी तरह दूरी बनाए रखी। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल उन राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था जिनके सदस्य वर्तमान में संसद में मौजूद हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इंडिया गठबंधन का विस्तार जल्द ही होने वाला है।

Reported By: Harikarishan Sharma

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories