Himachal News: युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर राज्यपाल की बड़ी चेतावनी, जानिए किस पावन स्थल से दिया एकजुटता का संदेश

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Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मंगलवार को देश के युवाओं में तेजी से बढ़ती नशे की लत पर गहरी चिंता प्रकट की है। उन्होंने इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए समाज के सभी वर्गों से एक साथ आने का बड़ा आह्वान किया।

कांगड़ा जिले के फतेहपुर स्थित गुरुद्वारा नानक जोत साहिब (सर्व धर्म पीठ) में नए मुख्य दरबार साहिब का भव्य उद्घाटन हुआ। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यपाल ने युवाओं को सामाजिक सेवा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया।

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नशामुक्त भारत के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को रचनात्मक कार्यों में भाग लेना चाहिए। ऐसी नेक गतिविधियां नई पीढ़ी को सही दिशा में ले जाती हैं। यह सकारात्मक माहौल उन्हें हर प्रकार के मानसिक भटकाव और नशे जैसे जानलेवा और नकारात्मक प्रभावों से हमेशा दूर रखता है।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नशामुक्त हिमाचल और नशामुक्त भारत का बड़ा लक्ष्य केवल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो या सरकारी तंत्र से संभव नहीं है। इसके लिए सभी परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक गुरुओं, स्थानीय कम्युनिटी और स्वयंसेवी संस्थाओं को मिलकर एक मजबूत नेटवर्क बनाना होगा।

कांगड़ा का सर्व धर्म पीठ है सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक

राज्यपाल ने इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को देश की महान आध्यात्मिक विरासत और सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा प्रतीक बताया। यह पवित्र स्थान अलग-अलग धर्मों के अनुयायियों के बीच आपसी भाईचारे, गहरे सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को बहुत मजबूती से बढ़ावा देता है।

उन्होंने सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी के इस पावन स्थल के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया। मान्यताओं के अनुसार गुरु नानक देव जी ने अपनी तीसरी उदासी यानी धार्मिक यात्रा के दौरान यहां लंबा प्रवास किया था। राज्यपाल ने गुरु महाराज के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

संत बाबा लवप्रीत जी महाराज के प्रयासों की सराहना

उन्होंने कहा कि बाबा नानक की पावन शिक्षाएं आज के आधुनिक युग में भी पूरी मानवता का सही मार्गदर्शन करती हैं। राज्यपाल ने इस परिसर को आध्यात्मिक सद्भाव और सह-अस्तित्व का मुख्य केंद्र बनाने के लिए संत बाबा श्री लवप्रीत जी महाराज के निरंतर प्रयासों की खुलकर सराहना की।

इस पावन परिसर के एक ही मुख्य भाग में श्री गुरु ग्रंथ साहिब, दिव्य माता का भव्य मंदिर और अखंड पवित्र ज्योति की उपस्थिति अद्वितीय है। यह खुलापन दर्शाता है कि यहां सभी धर्मों के श्रद्धालुओं का समान आदर होता है। राज्यपाल ने सिख गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर भी अपनी श्रद्धांजलि दी।

Reported By: Sunita Gupta

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