गाजियाबाद में बड़ा एक्शन, शताब्दी एक्सप्रेस में चेकिंग स्टाफ ने दबोचा फर्जी टीटी, पहचान पत्र था नकली

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Ghaziabad News: सेंट्रल रेलवे से दिल्ली जा रही हाई-स्पीड शताब्दी एक्सप्रेस में टिकट चेकिंग स्टाफ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने ट्रेन के भीतर यात्रियों से ठगी करने वाले एक फर्जी टीटी (टिकट परीक्षक) को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी खुद को सीनियर सीटीसी और सीटीएम बताता था।

पकड़े गए आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले दुर्वेश कुमार के रूप में हुई है। शताब्दी एक्सप्रेस के मुस्तैद चेकिंग स्टाफ ने इस जालसाज को रास्ते में ही दबोच लिया। इसके बाद उसे गाजियाबाद स्टेशन पर उतारकर सीधे राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के हवाले कर दिया।

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सी-11 कोच के गेट पर चेकिंग के दौरान हुआ शक

उप मुख्य टिकट निरीक्षक अनुज कुमार सिंह ने बताया कि वह कोच नंबर 9 में यात्रियों के टिकट चेक करने के बाद सीधे सी-11 कोच की तरफ जा रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि दुर्वेश इसी कोच के इंटरनल गेट पर संदिग्ध हालत में खड़ा है। शक होने पर उन्होंने उससे पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में दुर्वेश ने रौब झाड़ते हुए खुद को नई दिल्ली रेलवे में तैनात सीनियर सीटीसी (सीनियर कमर्शियल कम टिकट क्लर्क) बताया। उसने अधिकारियों को डराने के लिए अपना एक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) भी दिखाया। हालांकि, पहचान पत्र में लिखे डिटेल्स को देखते ही चेकिंग स्टाफ को शक हो गया।

अलीगढ़ से दिल्ली के बीच अक्सर करता था अवैध सफर

आईडी कार्ड में डिटेल्स संदिग्ध लगने पर अनुज कुमार सिंह ने तुरंत मामले की जानकारी अपने सीनियर अधिकारियों को दी। इसके बाद जब आरोपी से कड़ाई से गहन पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने माना कि उसने फर्जी तरीके से यह रेलवे का पहचान पत्र बनाया है।

आरोपी ने खुलासा किया कि वह इसी फर्जी आईडी के दम पर अक्सर अलीगढ़ से दिल्ली के बीच शताब्दी एक्सप्रेस जैसी वीआईपी ट्रेनों में अवैध रूप से सफर करता था। चेकिंग स्टाफ के अनुसार, रविवार को भी आरोपी अलीगढ़ स्टेशन से ही दिल्ली जाने के लिए ट्रेन में सवार हुआ था।

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को सौंपा गया

ट्रेन के भीतर ही आरोपी को कस्टडी में ले लिया गया। जैसे ही शताब्दी एक्सप्रेस अगले स्टॉपेज गाजियाबाद स्टेशन पर पहुंची, उसे नीचे उतार लिया गया। वहां मौजूद जीआरपी के हेड कांस्टेबल सोनू सिंह और आरपीएफ के एएसआई ओवेंद्र सिंह को लिखित शिकायत के साथ आरोपी सौंप दिया गया।

रेलवे पुलिस ने आरोपी दुर्वेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने इस फर्जी पहचान पत्र के जरिए कितने यात्रियों को अपना शिकार बनाया और अवैध वसूली की है।

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