New Delhi News: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को ‘आयुष्मान सारथी’ नाम से PM-JAY का आधिकारिक व्हाट्सऐप चैटबॉट लॉन्च कर दिया है। अब आयुष्मान भारत योजना के करोड़ों लाभार्थी सिर्फ एक मैसेज के जरिए 24 घंटे, कभी भी और कहीं से भी इस महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ी डिजिटल सर्विसेज (सेवाओं) का लाभ ले सकेंगे।
सरकार के मुताबिक, अब लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने, जानकारी लेने या अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकारी दफ्तरों या कॉल सेंटर्स के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह एडवांस्ड (आधुनिक) चैटबॉट सीधे PM-JAY सिस्टम से लिंक्ड है, जो यूजर्स को रियल टाइम में सभी जरूरी जानकारियां तुरंत उपलब्ध कराएगा।
‘आयुष्मान सारथी’ व्हाट्सऐप चैटबॉट पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं
इस नए चैटबॉट के जरिए लाभार्थी आयुष्मान भारत योजना में अपनी एलिजिबिलिटी (पात्रता) की जांच कर सकते हैं। इसके अलावा नया आयुष्मान कार्ड बनाना, उसे डाउनलोड करना, ई-केवाईसी दोबारा करना और कार्ड को लॉक या अनलॉक करने जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी चैटबॉट पर लाइव कर दी गई हैं।
बुजुर्गों के लिए इस प्लेटफॉर्म पर विशेष जानकारी मिलेगी। इसके जरिए 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सीनियर सिटीजंस के लिए ‘आयुष्मान वय वंदना कार्ड’ की डिटेल्स देखी जा सकती हैं। साथ ही लोग योजना के वॉलेट बैलेंस, इलाज का रिकॉर्ड और अपने आसपास के लिस्टेड (एम्पैनल्ड) अस्पतालों को आसानी से खोज सकते हैं।
शिकायत प्रबंधन को मजबूत करने के लिए चैटबॉट पर कंप्लेंट (शिकायत) दर्ज करने, उसकी करंट स्टेटस (स्थिति) देखने या उसे वापस लेने का विकल्प दिया गया है। यूजर कॉल बैक का रिक्वेस्ट (अनुरोध) भी भेज सकते हैं। इसके अलावा अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद लोग फीडबैक भी शेयर कर सकेंगे।
जानिए कैसे करें इस न्यू डिजिटल हेल्थ सर्विस का इस्तेमाल
योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को अपने मोबाइल से व्हाट्सऐप पर +91 72908 23838 नंबर पर ‘Hi’ लिखकर भेजना होगा। इसके अलावा वे विभाग के ऑफिशियल (आधिकारिक) क्यूआर कोड को स्कैन करके भी सीधे आयुष्मान सारथी चैटबॉट का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं। यह सर्विस पूरी तरह फ्री है।
यह चैटबॉट नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) और स्वास्थ्य मंत्रालय की एक बेहतरीन पहल है। सरकार का मुख्य विजन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इससे सरकारी हेल्प डेस्क पर निर्भरता कम होगी और सिस्टम में पूरी ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) आएगी।

