Delhi News: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राजधानी की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को मकान का कानूनी मालिकाना हक देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके लिए आधिकारिक आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सरकार इन चिन्हित कॉलोनियों को “As-is Where-is” यानी ‘जैसी है, जहां है’ के पुराने आधार पर नियमित कर रही है। इस जनकल्याणकारी फैसले से दिल्ली के करीब 45 लाख से अधिक नागरिकों को उनके सपनों के घर का मालिकाना हक और पक्की रजिस्ट्री मिल सकेगी।
पीएम उदय योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि तय
जमीन का कानूनी मालिकाना हक पाने के लिए नागरिकों को PM-UDAY योजना के तहत आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर निर्धारित की जा सकती है।
दिल्ली में मौजूद कुल 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों में से फिलहाल 1,511 कॉलोनियों को नियमितीकरण के दायरे में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग नगर निगम के विशेष SWAGAM पोर्टल के माध्यम से अपनी पंजीकरण प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकते हैं।
जानिए क्या है घर की पक्की रजिस्ट्री कराने की पूरी प्रक्रिया
स्वामित्व प्रमाण पत्र पाने के लिए सबसे पहले अधिकृत आर्किटेक्ट से अपने मकान का नक्शा या लेआउट प्लान तैयार करवाएं। इसके बाद PM-UDAY पोर्टल पर जाकर संपत्ति के पुराने कागजात, बिजली बिल, पहचान पत्र और आर्किटेक्ट प्लान डिजिटल रूप में अपलोड करें।
विभाग द्वारा इन सभी दस्तावेजों के सफलतापूर्वक सत्यापन के बाद नगर निगम नागरिकों को एक आधिकारिक नियमितीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगा। इस प्रमाण पत्र के मिलने के बाद लोग राजस्व विभाग के NGDRS पोर्टल पर जाकर अपनी प्रॉपर्टी की पक्की रजिस्ट्री करा सकते हैं।

