हिमाचल की टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला, बेसहारा पशु छोड़ने पर जुर्माना और बच्चों के लिए चुस्की बैन

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Mandi News: हिमाचल प्रदेश के द्रंग विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिहरी ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद कड़े फैसले लिए हैं। नई पंचायत ने अपनी पहली ही बैठक में स्वच्छता, पर्यावरण, पशु संरक्षण और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए हैं।

बिना अनुमति फेरीवालों पर रोक और पशु छोड़ने पर भारी जुर्माना

पंचायत सचिव मनसा देवी, प्रधान हरीश ठाकुर और उपप्रधान तुले राम की मौजूदगी में नया बोर्ड गठित हुआ। पंचायत ने पहला बड़ा फैसला यह लिया कि अब कोई भी बाहरी फेरीवाला बिना लिखित अनुमति के गांव में सामान नहीं बेच सकेगा। व्यापार के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

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इसके साथ ही गोवंश संरक्षण के लिए पंचायत ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। यदि कोई भी व्यक्ति बाहर से लाकर किसी बेसहारा पशु को पंचायत की सीमा में छोड़ता हुआ पकड़ा गया, तो उस पर सीधे 10 हजार रुपये का भारी नकद आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।

दुकानदारों के लिए डस्टबिन अनिवार्य और पौधारोपण की शर्त लागू

गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए सभी स्थानीय दुकानदारों को अपनी दुकान के बाहर कूड़ेदान (डस्टबिन) रखना जरूरी कर दिया गया है। इसके अलावा, घर बनाने के लिए लकड़ी (टीडी) लेने वाले प्रत्येक ग्रामीण को अनिवार्य रूप से पांच नए पौधे लगाने होंगे और छह महीने देखभाल करनी होगी।

बच्चों की सेहत सुधारने के लिए पंचायत ने क्षेत्र की दुकानों में मिलने वाली बर्फ की चुस्की (आइस गोला) की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। ग्राम प्रधान हरीश ठाकुर ने कहा कि इन सभी नियमों को धरातल पर कड़ाई से लागू कर गांव को आदर्श बनाया जाएगा।

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