कच्चे तेल के दामों में गिरावट से FMCG कंपनियों को बड़ी राहत, फिलहाल नहीं बढ़ेंगी रोजमर्रा के सामानों की कीमतें

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New Delhi News: देश की प्रमुख दैनिक उपभोक्ता वस्तु (FMCG) क्षेत्र की कंपनियों ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। इन कंपनियों ने अपने विभिन्न प्रोडक्ट्स (उत्पादों) की कीमतें बढ़ाने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से कंपनियों को बड़ी राहत मिली है।

कच्चे तेल के दाम गिरने से पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे कच्चे माल की लागत (रॉ मैटेरियल कॉस्ट) पर दबाव काफी कम हुआ है। इसके साथ ही, कंपनियां मार्केट में अपनी बिक्री की रफ्तार को लगातार बनाए रखना चाहती हैं। यही मुख्य वजह है कि कंपनियां इस समय कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से पूरी तरह बच रही हैं।

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भू-राजनीतिक तनाव कम होने से संभली कच्चे माल की लागत

विभिन्न कंपनियों के टॉप अधिकारियों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव से पहले के सामान्य स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में अतिरिक्त मूल्य वृद्धि की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे पहले बढ़ती इनपुट कॉस्ट की भरपाई के लिए कई दिग्गज कंपनियों ने अपने दाम बढ़ाए थे।

ग्लोबल मार्केट में वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुकी है। इसके अलावा, सितंबर महीने में लागू किए गए जीएसटी (GST) सुधारों का सीधा लाभ भी कंपनियों द्वारा ग्राहकों तक पहुंचाया गया है। इन सकारात्मक बदलावों से FMCG सेक्टर में मांग और बिक्री में जबरदस्त सुधार देखने को मिल रहा है।

बालाजी वेफर्स और पार्ले प्रोडक्ट्स ने टाला मूल्य वृद्धि का फैसला

प्रसिद्ध ब्रांड बालाजी वेफर्स के संस्थापक एवं निदेशक चंदू विरानी ने बताया कि कंपनी पहले छोटे पैकेट्स का वजन घटाने और बड़े पैक्स के दाम बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही थी। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को देखते हुए कंपनी ने इस योजना पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी है।

इसी तरह, पार्ले प्रोडक्ट्स ने भी लागत बढ़ने के बावजूद ग्राहकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न डालने का डिसीजन (निर्णय) लिया है। कंपनी के उपाध्यक्ष मयंक शाह ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बाद फिलहाल किसी भी उत्पाद की कीमत बढ़ाने का निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकांश कंपनियां भी अभी जल्दबाजी के मूड में नहीं हैं।

कंपनियों की नई रणनीति से ग्राहकों को मिलेगी बड़ी राहत

इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स और अधिकारियों ने बताया कि कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी का असर इस साल मई महीने से ही बाजार में दिखना शुरू हो गया था। इसके बावजूद, मौजूदा अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए सभी बड़ी कंपनियां कीमतों में नई बढ़ोतरी से बचने की एक मजबूत और टिकाऊ रणनीति अपना रही हैं।

इस फैसले से घरेलू बजट संभालने वाले आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले साबुन, तेल, बिस्कुट और स्नैक्स जैसी जरूरी चीजों के दाम स्थिर रहने से रिटेल मार्केट (खुदरा बाजार) में रौनक बनी रहेगी। कंपनियों का फोकस अब प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने के बजाय वॉल्यूम ग्रोथ यानी ज्यादा बिक्री हासिल करने पर है।

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