Chandigarh News: नए आपराधिक कानूनों के लागू होने की दूसरी वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर हरियाणा ने देशभर में एक नई मिसाल कायम की है। हरियाणा, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन (इम्प्लीमेंटेशन) के लिए निर्धारित 95 अंकों के लक्ष्य को प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
इस बड़ी उपलब्धि को राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर को-ऑर्डिनेशन तथा आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली का परिणाम माना जा रहा है। हरियाणा पुलिस ने सभी मानकों पर खरा उतरते हुए इस नेशनल रैंकिंग में टॉप पोजीशन हासिल की है।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने दी जानकारी
इस ऐतिहासिक मौके पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने कहा कि राज्य सरकार ने नए आपराधिक कानूनों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए काम किया। इसके लिए व्यापक स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए गए और डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत किया गया।
डीजीपी ने बताया कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी का परिणाम है कि हरियाणा ने निर्धारित सभी प्रमुख मानकों को पूरा करते हुए 95 अंकों का यह बड़ा टारगेट समय से पहले हासिल कर लिया।
तकनीक आधारित पुलिसिंग में सबसे आगे निकला राज्य
डीजीपी सिंघल ने आगे बताया कि इस उपलब्धि के साथ हरियाणा ने यह कड़ा संदेश दिया है कि न्याय व्यवस्था में सुधार और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में वह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से अपराधों की जांच (इन्वेस्टिगेशन) में काफी तेजी आई है।
इसके साथ ही पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। गौरतलब है कि 1 जुलाई 2024 से देशभर में तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए थे, जिन्होंने पुरानी ब्रिटिशकालीन व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया था।
अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनेगा हरियाणा का मॉडल
देश में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह नए कानून लागू किए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य हमारी पूरी न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम (टेक इनेबल्ड) और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
हरियाणा की यह शानदार कामयाबी न केवल राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है। नए आपराधिक कानूनों की दूसरी वर्षगांठ से ठीक पहले मिली यह सफलता राज्य की प्रशासनिक दक्षता और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

