Shimla News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व उद्योग मंत्री और भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सरकार वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और कुशासन का नया रिकॉर्ड बना रही है। सरकार जनता की प्राथमिकताओं को समझने में पूरी तरह विफल रही है।
बेरोजगारी और ठप पड़े विकास कार्यों पर घेरा
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सत्ता बचाने और मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं में ही सरकार का सारा समय बीत रहा है। प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है। उद्योग निवेश पूरी तरह ठप है और विकास परियोजनाएं धीमी पड़ चुकी हैं। सरकार केवल खोखली घोषणाओं तक ही सीमित रह गई है।
मेडिकल डिवाइस पार्क की राशि लौटाने का आरोप
भाजपा विधायक ने नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय स्वीकृत यह परियोजना राज्य के लिए अहम थी। केंद्र सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह राशि वापस कर रोजगार के अवसर छीन लिए।
अवैध खनन और माफिया राज पर सवाल
अवैध खनन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सत्ता संरक्षण के कारण खनन माफिया बेखौफ है। कांग्रेस के प्रभावशाली नेता इस अवैध काम से लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में एक कैबिनेट मंत्री से जुड़े तथ्य भी सामने आएंगे और सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।
बिगड़ती कानून व्यवस्था और नशाखोरी पर चिंता
बिक्रम ठाकुर ने राज्य की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि हिमाचल में फिरौती और संगठित अपराध बढ़ रहे हैं। बिलासपुर की घटना इसका ताजा प्रमाण है। उन्होंने कुल्लू में चल रही ड्रग पार्टियों का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी में ऐसी गतिविधियां सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सीबीआई रिपोर्ट और राम मंदिर मुद्दे पर पलटवार
पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि सीबीआई ने तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी, जिसे सरकार ने दबा दिया। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पर राजनीति कर रही है। इस मामले में एसआईटी का गठन हो चुका है और कानून अपना काम कर रहा है।
बैकडोर भर्ती और विधानसभा चुनाव पर बड़ा दावा
उद्योग मंत्री के आउटसोर्स वाले वायरल बयान पर उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह बैकडोर भर्ती का सबसे बड़ा प्रमाण है। पंचायत चुनावों के नतीजे कांग्रेस की वास्तविक स्थिति बता चुके हैं। प्रदेश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और 2027 में विदाई तय है।

