Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पिछले तीन महीनों में अचानक 110 महिलाएं लापता हो गई हैं। स्थानीय लोग इसे मज़ाक में “भागने की बीमारी” कह रहे हैं। पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद 86 महिलाओं को ढूंढ निकाला है। हालांकि, 24 महिलाएं अब भी लापता हैं। पुलिस की विशेष टीमें उनकी तलाश में दिन-रात एक कर रही हैं। इस घटना ने पूरे राज्य में खौफ और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस ने 86 महिलाओं को खोजा, 24 का अब तक सुराग नहीं
मंडी पुलिस ने महिलाओं की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस ने कड़े सर्च ऑपरेशन के बाद 86 महिलाओं को सुरक्षित वापस ला लिया है। इन महिलाओं को मध्य प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे बाहरी राज्यों से खोजा गया है। कुछ महिलाओं को हिमाचल के शिमला, कुल्लू और कांगड़ा से भी वापस लाया गया है। लेकिन सबसे बड़ी चिंता उन 24 महिलाओं की है, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस सर्विलांस के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है।
गोहर और सुंदरनगर से सबसे ज्यादा मामले, बच्चों संग भी गायब हुईं महिलाएं
गायब होने की सबसे ज्यादा घटनाएं गोहर, जंजैहली और सुंदरनगर से सामने आई हैं। हाल ही में मंडी शहर के एक निजी स्कूल की छात्रा मध्य प्रदेश से बरामद हुई। इसी स्कूल की एक अन्य छात्रा को दिल्ली से वापस लाया गया। गोहर इलाके से एक महिला अपने दो साल के बच्चे के साथ अचानक गायब हो गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को चंडीगढ़ से सुरक्षित खोज निकाला। जोगिंद्रनगर से गायब हुई कुछ बच्चियों को कांगड़ा से वापस लाया गया है। सदर और महिला थाना में भी मामले दर्ज हैं।
क्या इसके पीछे है कोई बड़ा नेटवर्क? एसपी ने दिया ये जवाब
मंडी के एसपी विनोद कुमार खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर शिकायत पर संबंधित थाने में एक विशेष टीम बनती है। वह खुद इन टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं। बची हुई 24 महिलाओं की तलाश बहुत तेज कर दी गई है। आखिर मंडी में महिलाएं इस तरह अचानक क्यों लापता हो रही हैं? क्या इसके पीछे कोई संगठित आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा है? या फिर पारिवारिक और सामाजिक कारण इसके जिम्मेदार हैं? पूरा इलाका इन्ही सवालों के जवाब ढूंढ रहा है।


