Oman News: ओमान के तट और होर्मुज स्ट्रेट के पास एक बड़े समुद्री हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल शिप ‘एमटी सेटेबेलो’ पर यह घातक हमला हुआ है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि यह कार्रवाई अमेरिकी नेवी की तरफ से की गई थी।
भारत सरकार ने इस गंभीर घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में अमेरिकी चाजर्ड डी अफेयर्स यानी सीडीए को तलब किया। भारत ने इस सैन्य हमले के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंत्रालय ने समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सीडीए को तलब कर जताया कड़ा विरोध
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हमला पूरी तरह अमेरिकी नेवी द्वारा किया गया था। प्रभावित जहाज भारतीय मालिकाना हक का नहीं है। यह पूरी तरह विदेशी फ्लैगशिप पोत है, जिस पर भारतीय क्रू मेंबर काम कर रहे थे।
इस बीच, जहाजरानी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने खाड़ी क्षेत्र का डेटा जारी किया है। वर्तमान में 562 भारतीय नाविक भारतीय झंडे वाले जहाजों पर तैनात हैं। होर्मुज के दोनों तरफ सैकड़ों नाविक काम कर रहे हैं। पूरे खाड़ी क्षेत्र में कुल 18 हजार से ज्यादा भारतीय मौजूद हैं।
इस दुखद हादसे में हिमाचल प्रदेश के नादौन निवासी आदित्य शर्मा की भी जान चली गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं जताई हैं। सरकार मृतक के परिवार को हर संभव सहायता देने का प्रयास कर रही है।
सांसद अनुराग ठाकुर और सीएम सुक्खू ने पार्थिव शरीर लाने की मांग की
हमीरपुर के भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से जल्द से जल्द संपर्क किया है। उन्होंने मांग की है कि भारतीय दूतावास और शिपिंग कंपनी से बात करके आदित्य का पार्थिव शरीर तुरंत भारत वापस लाया जाए।
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर दूसरे देश की सेना से जुड़ा है। केंद्र सरकार को इस हमले के असली कारणों का पता लगाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नाविकों को वहां भेजने का निर्णय उनकी सहमति से हुआ था, इसकी भी गहन जांच होनी चाहिए।
हिमाचल के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि इस हादसे में 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। राज्य सरकार लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में बनी हुई है। हमीरपुर के डिप्टी कमिश्नर ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया है।
मिडिल ईस्ट के युद्ध से वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन प्रभावित
उद्योग मंत्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे इस युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। वैश्विक सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में देश के अंदर डीजल और पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अशांति का सीधा असर कंपनियों के प्रोडक्शन और माल ढुलाई की लागत पर पड़ रहा है। यदि यह तनाव जल्द नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में महंगाई और ज्यादा बढ़ सकती है।
Reported By: Sunita Gupta


