करोड़ों रुपये वसूलकर भी सुविधाएं देना भूला केडीए, सिग्नेचर ग्रीन्स सोसाइटी के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर

Kanpur News: कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) महंगी हाउसिंग स्कीम्स बसाकर लोगों से करोड़ों रुपये वसूल लेता है। लेकिन आवंटियों को तय वादे के मुताबिक बुनियादी सुविधाएं देना पूरी तरह भूल जाता है। विकास नगर बस अड्डे की जमीन पर बनी सिग्नेचर ग्रीन्स सोसाइटी इसका ताजा उदाहरण है।

इस हाई-प्रोफाइल सोसाइटी के निवासी लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी आज मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। स्थानीय आवंटियों ने केडीए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निवासियों का आरोप है कि अधिकारी उनकी जायज समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं।

सुरक्षा के नाम पर पांच हजार रुपये वसूल, फिर भी बेखौफ घूम रहे बाहरी

सोसाइटी के निवासियों से सुरक्षा के नाम पर हर साल पांच हजार रुपये वसूले जाते हैं। इसके बावजूद मुख्य गेट पर तैनात गार्ड किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने-जाने देते हैं। इससे पूरी सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है।

इसके अलावा बिल्डर ने आज तक ब्लॉक में सर्विस लिफ्ट नहीं लगाई है। वहीं आम लोगों के लिए लगी पैसेंजर लिफ्ट भी लगातार खराब रहती है। इसके कारण बुजुर्गों और बीमार लोगों को चार से पांच मंजिल तक सीढ़ियों से चढ़कर जाना पड़ता है।

जल निगम ने पानी की पाइपलाइन तो बिछाई है, लेकिन इसे टू बीएचके ब्लॉक से अब तक जोड़ा नहीं गया। मजबूरन लोगों के फ्लैट्स में मिट्टी वाला बोरवेल का पानी सप्लाई हो रहा है। गंदे पानी के इस्तेमाल से लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं।

कचरा निस्तारण का प्रबंध नहीं और जू के बंदरों का भयंकर आतंक

सोसाइटी परिसर में आज तक कूड़ा निस्तारण का कोई परमानेंट प्रबंध नहीं किया गया है। जगह-जगह कचरा डंप होने से निवासियों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। प्रॉपर फायर सेफ्टी सिस्टम न होने से लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।

दमकल विभाग ने साल 2024 में निरीक्षण करके केडीए को कड़ा नोटिस भी जारी किया था। इसके बावजूद प्रशासन ने आज तक अपडेटेड फायर एनओसी नहीं ली है। इससे पूरी सोसाइटी के लोग हमेशा एक अनजाने डर और साए में जीते हैं।

सोसाइटी के बिल्कुल बगल में कानपुर चिड़ियाघर (जू) स्थित है। बाउंड्रीवॉल ऊंची न होने के कारण वहां से अक्सर खूंखार बंदर आकर परिसर में भारी आतंक मचाते हैं। इस वजह से महिलाएं और छोटे बच्चे घरों से बाहर निकलने में भी घबराते हैं।

420 करोड़ रुपये की मेगा योजना में रह रहे सैकड़ों परिवार

इस बड़ी योजना की शुरुआत साल 2016 में करीब 420 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ हुई थी। पूरी सोसाइटी में लगभग 1100 फ्लैट्स बनाए गए हैं। वर्तमान समय में यहाँ करीब 1128 फ्लैट्स में लोग सपरिवार रह रहे हैं।

सोसाइटी के जागरूक निवासियों ने इन सभी गंभीर समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग उठाई है। प्रदर्शन के दौरान आदित्य तिवारी, मोहम्मद मतीन अंसारी, प्रदीप कुमार मिश्रा, वैभव अग्रवाल और अमन कौशिक सहित बड़ी संख्या में फ्लैट मालिक मौजूद रहे।

Author: Ajay Mishra

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories