शिमला परीक्षा केंद्र में मची खलबली, भाई का पेपर लिखने पहुंची सगी बहन, निरीक्षक की पैनी नजर ने पकड़ा फर्जीवाड़ा

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के एक परीक्षा केंद्र में हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक युवती अपने सगे भाई की जगह परीक्षा देने पहुंच गई। परीक्षा शुरू होने के महज 10 मिनट बाद ही निरीक्षक की पैनी नजर ने इस धोखेबाज़ी को पकड़ लिया, जिससे पूरे कॉलेज स्टाफ में हड़कंप मच गया।

निरीक्षक के संदेह जताने पर हुआ चौंकाने वाला खुलासा

यह सनसनीखेज मामला संजौली स्थित सरकारी कॉलेज में चल रहे इग्नू स्टडी सेंटर का है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 6 जून को बीएजी (बैचलर ऑफ आर्ट्स जनरल) प्रोग्राम की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा हॉल नंबर-9 में तैनात निरीक्षक परवीन कुमार को एक परीक्षार्थी के आईकार्ड और चेहरे को देखकर गहरा संदेह हुआ।

निरीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवती से सवाल-जवाब किए और उसके डॉक्युमेंट्स की गहनता से जांच की। इसके बाद जो सच सामने आया, उसने सभी को दंग कर दिया। जांच में पता चला कि परीक्षा दे रही युवती अंबिका, सिरमौर जिले के रोहनाट क्षेत्र की रहने वाली है। वह अपने भाई रंजीत के स्थान पर पेपर लिख रही थी।

केंद्र अधीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

परीक्षा केंद्र के प्रशासन ने इस गंभीर धोखेबाज़ी की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी। इसके बाद सेंटर सुपरिटेंडेंट डॉ. मदन शांडिल की लिखित शिकायत पर शिमला सदर थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2) के तहत केस दर्ज किया है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) यानी दूसरे के नाम पर परीक्षा देने का स्पष्ट मामला पाया है। पुलिस की एक स्पेशल टीम अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े की प्लानिंग कैसे की गई थी। इसके लिए किस फर्जी आईडी या डॉक्युमेंट का इस्तेमाल किया गया था।

सदर थाना पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या इस रैकेट में परीक्षा स्टाफ या किसी बाहरी व्यक्ति की भी भूमिका रही है। शिमला के सीनियर सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) गौरव सिंह ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी साइंटिफिक और डिजिटल तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गौरव सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पवित्रता से जुड़े मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। पुलिस जांच में जो भी नए तथ्य या सह-आरोपी सामने आएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Reported By: Sunita Gupta

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