वेंक्टेश्वरा संस्थान में यूपी पुलिस के साथ राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा कार्यशाला शुरू, एक्सपर्ट सिखाएंगे हैकिंग और फ्रॉड से बचने के गुर

Uttar Pradesh News: देश और दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों के खतरनाक मकड़जाल को तोड़ने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। आम जनता को डिजिटल फ्रॉड के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा संस्थान में ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा कार्यशाला-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ।

उत्तर प्रदेश पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित यह विशेष कार्यशाला आगामी 15 दिनों तक लगातार चलेगी। इस महत्वपूर्ण नेशनल प्रोग्राम में देश भर से आए 550 से अधिक अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं। जिन्हें दो दर्जन से अधिक जाने-माने एक्सपर्ट्स साइबर सुरक्षा के जरूरी गुर सिखाएंगे।

इस कार्यशाला के सफल समापन पर सभी सफल अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस की ओर से आधिकारिक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से छात्रों को तीन क्रेडिट भी प्रदान किए जाएंगे। इस अनूठी पहल से युवाओं को करियर में तकनीकी रूप से काफी मजबूती मिलेगी।

डिजिटल अपराधियों को पकड़ने के लिए उनसे दस गुना आगे सोचना होगा

संस्थान के डॉक्टर सीवी रमन सभागार में अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर इस सत्र का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्ता और प्रसिद्ध साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे, पुलिस अधीक्षक लाखन सिंह यादव और प्रतिकुलाधिपति डॉक्टर राजीव त्यागी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शिक्षाविद मौजूद रहे।

विख्यात एक्सपर्ट अमित दुबे ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस और साइबर वॉरियर्स को बेहद सतर्क रहना होगा। आज के दौर में हैकिंग, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, मेलवेयर, रैंसमवेयर और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी खतरनाक घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे निपटने के लिए पुख्ता रणनीति जरूरी है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि शातिर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को उनकी सोच से दस गुना आगे का प्लान तैयार करना होगा। तभी हम देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मासूम नागरिकों की गाढ़ी कमाई को हैकर्स के हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रख पाएंगे।

देश के विभिन्न हिस्सों से आए दिग्गज एक्सपर्ट्स देंगे लाइव ट्रेनिंग

इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में मुंबई, हैदराबाद, गुरुग्राम, चंडीगढ़, बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता समेत देश के अलग-अलग कोनों से दो दर्जन से अधिक साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स शामिल हुए हैं। ये सभी ट्रेनर्स अगले दो सप्ताह तक लाइव प्रैक्टिकल के जरिए साइबर क्राइम से निपटने के तरीके सिखाएंगे।

इस विशेष अवसर पर जुबिलेंट के निदेशक सुनील दीक्षित, कुलसचिव प्रोफेसर पीयूष पांडे, डॉक्टर राजेश सिंह और डॉक्टर सुमन कश्यप प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने इस कार्यशाला को राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता के दृष्टिकोण से समय की सबसे बड़ी मांग बताया।

उद्घाटन सत्र के समापन पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉक्टर राजीव त्यागी ने सभी आगंतुक अतिथियों का धन्यवाद किया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक लाखन सिंह यादव के साथ मिलकर सभी एक्सपर्ट्स को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और कार्यशाला की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

Author: Harikarishan Sharma

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